श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को श्रीनगर शहर के नौशेरा क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक प्राचीन विचारनाग मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। 4.58 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर के चारों ओर मिट्टी का भराव, मूल स्थलाकृति को पुनर्स्थापित, प्रवेश द्वार का निर्माण, शौचालय, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा गिलसर झील तक निकास चैनल की सफाई आदि कार्य होने हैं। परियोजना जुलाई 2026 में पूर्ण होगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि जीर्णोद्धार कार्य में पारंपरिक चूने के गारे और बुडलू/ देवदार की लकड़ी का उपयोग, मूल सौंदर्य को संरक्षित करते हुए सजावटी लकड़ी और पत्थर का काम, ग्रिल, साइनेज और मंदिर की दृश्यात्मक सुंदरता को बढ़ाने के लिए भूदृश्य एकीकरण भी शामिल है। उन्होंने
कहा कि इस कार्य का उद्देश्य मंदिर के सदियों पुराने गौरव को पुनर्स्थापित करना और इसकी सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत को संरक्षित करना है।कहा कि विचारनाग मंदिर का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है, जो कश्मीर के विविध सांस्कृतिक समाज को दर्शाता है।
प्राचीन विचारनाग मंदिर को ''''''''विचार साहब'''''''' के नाम से भी जाना जाता है। समृद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण की सरकार की पहल के तहत शुरू हुए कार्य के दौरान उपायुक्त अक्षय लाबरू और नगर निगम के आयुक्त फज़ लुल हसीब भी मौजूद थे। अतिरिक्त उपायुक्त आदिल फ़रीद, मुख्य योजना अधिकारी फ़याज़ अहमद डार, आर एंड बी, पीएचई, पीडीडी, आई एंड एफसी, एसएमसी, पुलिस, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।