संवाद न्यूज़ एजेंसी
शोपियां। दसक्षिण कश्मीर के शोपियां में उप-मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को ज़िला मुख्यालय शोपियां से चित्रगाम स्थानांतरित करने के सरकार के विवादास्पद फ़ैसले के विरोध में बुधवार, 23 जुलाई को पूर्ण बंद का आह्वान किया है।
राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और नागरिक समाज के सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया। यह बंद एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हुई सर्वदलीय बैठक के बाद बुलाया गया है जिसमें सभी दलों के नेताओं ने इस कदम का एकजुट विरोध किया। बैठक में शामिल लोगों ने आदेश वापस लिए जाने तक अपने आंदोलन को तेज करने की कसम खाई।
सूत्रों के अनुसार संयुक्त बैठक में शोपियां के विधायक एडवोकेट शब्बीर अहमद कुल्ले, पीडीपी के पूर्व विधायक एडवोकेट एजाज मीर, अपनी पार्टी के एडवोकेट गौहर, डीडीसी सदस्य राजा वहीद, भाजपा नेता राजा वसीम और जावेद कादरी सहित कई प्रमुख नेताओं के साथ-साथ ट्रेड यूनियनों, नागरिक समाज और कीटनाशक डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस बैठक में दुर्लभ राजनीतिक एकमतता देखी गई, जहां नेताओं ने स्थानांतरण आदेश को राजनीति से प्रेरित और प्रशासनिक तर्क के विरुद्ध बताया।
विधायक कुल्ले ने कहा, “सरकार को शोपियां से मौजूदा प्रशासनिक पदों को हटाने के बजाय नए प्रशासनिक पद सृजित करने की दिशा में काम करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ज़ैनपोरा, तुर्कवागाम, हरमैन, कंजीउल्लार, कापरान में उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बजाय क्षेत्रीय कार्यकारी अधिकारी के पद सृजित किए जाने चाहिए थे।