कहा - मैं सभी वयोवृद्धों, बहादुर जवानों, वीर नारियों और सशस्त्र बलों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता में नतमस्तक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, बस भूमिका बदल जाती है। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अखनूर में आयोजित वयोवृद्ध दिवस पर कही। उन्होंने बलिदानी पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि मैं सभी वयोवृद्धों, बहादुर जवानों, वीर नारियों और हमारे सशस्त्र बलों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता में अपना सिर झुकाता हूं। हम अपने पूर्व सैनिकों के हमेशा ऋणी रहेंगे, जिन्होंने दुश्मनों से देश की रक्षा की है। यह भी कहा कि भारतीय सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, बस उसकी भूमिका बदल जाती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश के विकास में योगदान देना जारी रखा है। सशस्त्र बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा कि सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा और विकास की गारंटी हैं। सैनिकों और वयोवृद्धों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अखनूर की पवित्र भूमि हमारे वीर सैनिकों की वीरता और साहस की गाथा के अमिट पदचिह्नों को संजोए हुए है। रक्षा मंत्री राजनाथ द्वारा राष्ट्र को समर्पित 108 फीट ऊंचा स्मारक राष्ट्रीय ध्वज और अखनूर हेरिटेज संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। हमें मातृभूमि के लिए हमारे बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों की निस्वार्थ भक्ति और बलिदान की याद दिलाता रहेगा।