श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट कमांडेंट जितेंद्र कुमार
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सीआरपीएफ की 28 बटालियन ने श्रीनगर मुख्यालय में वीरता दिवस के मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई। कार्यक्रम के दौरान एमआई-17 दुर्घटना में जांबाजी का कार्य के लिए बहादुरी पुरस्कार प्राप्त मुदासिर अशरफ को स्मृति चिह्न दिया गया। इसके अलावा अन्य कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
केंद्रीय विद्यालय के छात्रों ने वीरता विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया। इनमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। कमांडेंट जितेंद्र कुमार ने कहा कि बहादुर सैनिकों और व्यक्तियों को हमेशा उत्साह बढ़ाना चाहिए।
इसके लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते रहना चाहिए जिससे दूसरे भी इस काम के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन वर्ष 1965 में गुजरात के रण ऑफ कच्छ में पाकिस्तान की इन्फेंट्री ब्रिगेड ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वितीय बटालियन की टाक चौकियों पर हमला कर दिया था।
इसमें जवानों ने वीरता दिखाते हुए पाकिस्तान के 34 सैनिकों मार गिराया और चार को जिंदा पकड़ा था। युद्ध में बल के छह जवानों ने शहादत दी थी। वीर जवानों के बलिदान व वीरता की याद को ताजा रखने व उदाहरण का अनुसरण करने, बल के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक वर्ष नौ अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया जाता है।