टंगधार सेक्टर से घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों को देखते ही उन पर बरस पड़ने वाली ‘मानसी’ ने बिना झिझके खुद को फर्ज पर कुर्बान कर दिया। वह सेना की ट्रैक्रर डाग यूनिट की सदस्य थी।
आतंकियों ने एलओसी के पास बीते शनिवार को चार साल की लैबराडोर ‘मानसी’ के साथ ही उसके हैंडलर टेरिटोरियल आर्मी के जवान बशीर अहमद वार को भी मौत के घाट उतार दिया था।
सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने शहीद जवान बशीर अहमद वार को श्रद्धांजलि देने के साथ ही ‘मानसी’ के अदम्य साहस की भी सराहना की।
सेना की ओर से कहा गया कि युद्धस्थल में चाहे सेना का एक जवान घायल हो या फिर डाग स्क्वायड का कोई सदस्य सेना की ओर से दानों ही मामलों में एक ही तरह की और त्वरित कार्रवाई की जाती है।