माता वैष्णो देवी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। देश के कोने-कोने से ट्रेनों और बसों से श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आते है, लेकिन इस बार ट्रेनों में जयकारों की गूंज कम रही। पिछले चार वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी कम संख्या में श्रद्धालु आए हों। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 94.80 लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए थे। वहीं इस बार साल खत्म होने को हैं और करीब 70 लाख श्रद्धालु ही पहुंचे हैं। ये साल खत्म होने में सिर्फ 15 दिन बचे हैं ऐसे में यात्रा पिछले वर्ष का आंकड़ा शायद ही छू सके।
होटल कारोबारी और और घोड़ा पिट्ठू वाले भी स्वीकारते हैं कि आतंकी हमले और प्राकृतिक आपदा ने उनके राेजगार को चोट पहुंचाई है। 40 से 50 प्रतिशत छूट के बावजूद श्रद्धालुओं ने उम्मीदों के मुताबिक रुझान नहीं दिखाया। कटड़ा धर्मनगरी में टैक्सी चालक संदीप बाली, करण सिंह, सूरज सिंह ने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की कमी के कारण हमारे रोजगार पर असर पड़ा है। लोन की किस्तें भी नहीं चुका पाए। अब नव वर्ष से उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। होटल संचालक रामलाल और होटल एसोसिएशन के उपप्रधान वीरेंद्र केसर कहते हैं कि इस वर्ष शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के चलते भी श्रद्धालु कटड़ा कम पहुंचे। मार्च और अप्रैल माह में थोड़ी यात्रा वृद्धि हुई तो पहलगाम आतंकी हमले ने चोट पहुंचाई। इसके बाद पाकिस्तान से तनाव के बीच का भी यात्रा पर असर पड़ा।
एक पहलू ये भी : भीड़ कम, सुकून से दर्शन
वैष्णो देवी के दर्शनार्थियों की संख्या कम होने का सुकून भरा पहलू ये भी है कि अब आसानी से दर्शन हो रहे हैं। माता के दर्शन करने के लिए खूब समय मिल रहा है। माता की पिंडियों के सामने खड़े होकर स्तुति करने का भी माैका मिल रहा है। भीड़ होने पर माता की मात्र एक झलक ही श्रद्धालुओं को मिल पाती है।
श्रद्धालुओं को बुलाने के लिए नई पहल
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस साल कई कदम उठाए हैं। यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया है। यात्रा पंजीकरण के लिए 24 घंटे पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है। यही नहीं, दर्शनी ड्यूटी पर देर रात ट्रेन से आने वाले यात्री अपना टिकट दिखाकर भी यात्रा पर जा सकते हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने गत शुक्रवार को ही भवन इलाके में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक साधना कक्ष श्रद्धालुओं को समर्पित किया।