कटड़ा रोपवे विरोध प्रदर्शन समाप्त
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ताराकोट रोपवे के विरोध में बीते एक सप्ताह से जारी कटड़ा बंद और घोडा़, पिट्ठू व पालकी वालों की हड़ताल मंगलवार रात प्रशासन से बातचीत के बाद समाप्त हो गई। अब नए साल के पहले दिन बाजार खुल जाएंगे और श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर घोडा़, पिट्ठू व पालकी वालों की सुविधा भी मिलेगी।
श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति और भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के साथ जिला प्रशासन ने मंगलवार देर रात लंबी बातचीत की। इसके बाद प्रशासन ने गिरफ्तार युवाओं की रिहाई का फैसला किया गया। बुधवार से बाजार खोलने पर भी सहमति भी बनी। बैठक के बाद जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार और आईजीपी आनंद जैन ने बताया कि गिरफ्तार किए 18 लोगों को रात को ही रिहा कर दिया जाएगा। श्राइनबोर्ड की ओर से गठित कमेटी अब इस मुद्दे पर सभी हितधारकों के साथ बातचीत करेगी। जब तक स्थानीय लोगों से राय शुमारी नहीं हो जाती तब तक ताराकोट रोपवे का काम शुरू नहीं किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री जुगल किशोर, पूर्व मंत्री अजय नंदा, श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलराम राणा के साथ समिति के अन्य सदस्य माैजूद रहे।
25 दिसंबर से चल रही थी हड़ताल
संघर्ष समिति के आह्वान पर हड़ताल 25 दिसंबर से चल रही थी। समिति ने पहले तीन दिन के बंद का एलान किया था। इसके बाद हड़ताल को क्रमशः तीन व दो दिन के लिए बढ़ाया गया था।
दिन में दो युवाओं की तबीयत बिगड़ी
इससे पहले हड़ताल के सातवें दिन श्रीधर चाैक पर भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग दिनभर डटे रहे। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। भूख हड़ताल पर बैठे दो और युवाओं की तबीयत खराब हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर हड़ताल पर बैठे युवाओं के स्वास्थ्य की जांच की।