अर्द्धकुवांरी से भवन की ओर जाने वाले मार्ग को श्राइन बोर्ड प्रशासन ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रखा। इसके चलते श्रद्धालु केवल पुराने मार्ग से ही आते-जाते रहे। दरअसल, नए मार्ग पर पत्थर गिरने का खतरा रहता है। श्राइन बोर्ड के सीईओ एके साहु ने बताया कि नए मार्ग पर सोमवार को भी हलका भूस्खलन हुआ था, जिसे बोर्ड कर्मियों ने समय रहते हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने के बाद ही नए मार्ग को श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। वहीं कटड़ा से सांझी छत तक चलने वाली हेलीकाप्टर सेवा सोमवार को भी त्रिकुटा पर्वत पर धुंध छाई रहने के कारण बाधित रही। दोपहर बाद हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित होने से पहले से बुकिंग करवा चुके श्रद्धालुओं को हेलीपैड पर घंटों इंतजार करते देखा गया।
श्रद्धालु कुलदीप कुमार, राज कुमार, मोहित, अनु शर्मा आदि का कहना था कि उन्होंने आनलाइन हेलीकाप्टर के टिकट बुक करवा चुके हैं, पर यहां हेलीकाप्टर उड़ ही नहीं रहा है। बता दें कि रविवार की सुबह नए मार्ग पर पंछी कालोनी के पास पहाड़ी से चट्टान खिसक कर मार्ग के बीचोबीच आ गई। इससे शेड भी टूट गई। इसके चलते श्राइन बोर्ड प्रशासन ने मार्ग को मौसम साफ होने तक यात्रियों की आवाजाही के लिए बंद रखने के आदेश जारी कर दिए।