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मिलिए, जम्मू-कश्मीर के दो होनहारों से जो बने प्रशासनिक अफसर, रोशन किया नाम

Tue, 05 Jan 2021 02:48 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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UPSC - फोटो : social media
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की आरक्षित सूची में जम्मू-कश्मीर के दो और होनहारों ने नाम रोशन किया है। कठुआ के विवेक पाठक और उधमपुर के आदित्य संगोत्रा ने कड़ी मेहनत से प्रशासनिक अफसर बनने का सपना साकार किया है। 

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यूपीएससी ने 2019 परीक्षा के आधार पर अपनी आरक्षित सूची से विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए 89 उम्मीवारों के नाम की सिफारिश की है। 2019 सिविल सेवा परीक्षा का नतीजा बीते साल चार अगस्त को घोषित किया गया था। तब आईएएस, आईएफएस, आईपीएस और केंद्रीय सेवाओं में ग्रुप ए और ग्रुप बी के 927 पदों पर नियुक्ति के लिए मेरिट क्रम में 829 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी। कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, नियमों के मुताबिक यूपीएससी आरक्षित सूची भी बनाता है। यह सूची आयोग की वेबसाइट http//www.upsc.gov.in. पर भी उपलब्ध है।

आठवीं में टॉप कर संजोया था सपना
कठुआ के होनहार विवेक पाठक ने पांचवें प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्ष 2006 में आठवीं कक्षा में टॉप करने पर विवेक ने आईएएस बनने का सपना संजोया। अब वह छठी कोशिश कर आईएएस, आईपीएस या फिर आईआरएस के लिए फिर मेहनत करना चाहते हैं। विवेक ने कहा कि वे वर्ष 2013 से सिविल सेवाओं में जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। साथ में पीएचडी भी पूरी की है। पहले चार प्रयासों में प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण नहीं हुई थी। वे पांच से छह अंकों से आईआरएस और लगभग 22 अंकों से आईपीएस बनने से चूक गए, जिसे वह अगले प्रयास में हासिल करना चाहेंगे। संवाद
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पंचैरी के आदित्य ने आखिरी प्रयास में पाई सफलता
दूरदराज पंचैरी तहसील के रहने वाले आदित्य सिंह ने पांचवें और आखिरी प्रयास में सिविल सेवा में जाने का सपना साकार किया। वर्तमान में एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर आदित्य को दो दिन पूर्व ही प्रमोशन मिला था। आदित्य ने कहा - माता, पिता के आशीर्वाद से आरक्षित सूची में 32वां रैंक मिला है। नौकरी के साथ मेहनत रंग लाई। उधमपुर में पढ़ाई और पुणे में इंजीनियरिंग के बाद एक्साइज विभाग ज्वाइन किया। नौकरी के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना बेहद मुश्किल था। कई बार हिम्मत हारने की कगार पर पहुंचा, लेकिन माता-पिता हौसला बढ़ाते रहे। युवाओं को संदेश है कि लक्ष्य पर फोकस रखें और कभी हिम्मत न हारें।

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