विपक्षी सदस्यों की गैर मौजूदगी में महाराजा हरि सिंह जयंती पर राजकीय अवकाश संबंधी प्रस्ताव के पारित होने का नेशनल कांफ्रेंस ने जमकर विरोध किया।
विधान परिषद में 24 जनवरी को पारित निजी सदस्य प्रस्ताव पर शुक्रवार को नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने सदन में पहले हंगामा किया। चेयरमैन वेल तक पहुंचकर नारे लगाए और फिर प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया को साजिश करार देकर वाकआउट कर दिया। इसी मामले पर विधानसभा में भी नेकां ने विरोध जताया।
नेशनल कांफ्रेंस के डा. बशीर अहमद वीरी, शौकत गनेई, अली मोहम्मद डार, कैसर जमशेद लोन, डा. शहनाज गनेई और मास्टर नूर हुसेन ने पारित प्रस्ताव को खारिज किए जाने पर जोर दिया। एमएलसी डा. बशीर अहमद वीरी ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य जब सदन में नहीं थे तब इस प्रस्ताव को पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में वर्ष 1931 में लोगों पर गोलियां चलाई गईं जिसकी याद में सरकारी स्तर पर शहीदी दिवस भी मनाया जाता है। ऐसा शासनकाल देने वाले महाराजा हरि सिंह के नाम पर अवकाश की घोषणा कैसे की जा सकती है। नेकां इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हालांकि, भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने प्वाइंट आफ आर्डर लेते हुए कहा कि निजी सदस्य प्रस्ताव विधान परिषद में पारित हो चुका है और अब नियमों के तहत इस पर चर्चा नहीं की जा सकती।