विधानसभा में विपक्ष ने बर्फबारी के दौरान कश्मीर में बिजली संकट के विरोध में जमकर हंगामा किया। सत्तापक्ष के भी कुछ विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।
विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार स्थिति से निपटने में विफल साबित हो रही है। कई इलाकों का संपर्क कट गया है और रास्ते से बर्फ हटाने के काम सुस्ती बरती जा रही है। बिजली कट के कारण इलाके अंधेरे में डूब गए हैं। आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नेशनल कांफ्रेंस के मियां अल्ताफ ने यह मामला उठाया। बाद में सीपीएम के एमवाई तारिगामी ने भी इसका समर्थन किया। विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध जताने लगे। सदस्यों ने कहा बर्फबारी और कंपकंपाती ठंड के मौसम में बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। सदस्यों ने निर्बाध बिजली आपूर्ति और सड़कों से बर्फ हटाने की मांग पर जोर दिया।
बर्फ हटाने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
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तारिगामी ने कहा कि कुलगाम में बिजली ठप होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। विधायक विकार रसूल, जीएम सरूरी, अल्ताफ अहमद कालू, अब्दुल मजीद लारमी, गुलजार अहमद वानी, इंजीनियर रशीद और शक्ति परिहार ने बर्फबारी से हुए नुकसान की जानकारी दी और सरकार से जरूरी कदम उठाने को कहा।
संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि सरकार ने सभी संबंधित डीसी को निर्देश दिए हैं। प्रशासन को सड़कों से बर्फ हटाने और युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पीडीडी और पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। डीसी द्वारा इन कार्यों की निगरानी की जा रही है। श्रीनगर में बर्फ हटाने की 18 मशीनें लगाई गईं हैं। पानी निकालने के लिए 16 पंप काम कर रहे हैं।