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बजट सत्र: खनन आदेश के खिलाफ सदन में हंगामा

Fri, 03 Jun 2016 09:20 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
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व‌िधानसभा में हंगामा - फोटो : Amar Ujala
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विधानसभा में खनन से संबंधित एसआरओ 105 को लेकर शुक्रवार को जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने दो बार वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप था कि सरकार के इस आदेश से राज्य के विशेष दर्जे को नुकसान पहुंच रहा है। 
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हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने एसआरओ के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी। साथ ही मामले में विधानसभा सदस्यों की समिति गठित की जो 15 जुलाई तक रिपोर्ट देगी। दिलचस्प रहा कि एसआरओ 105 को वापस लेने का भाजपा और पीडीपी के भी कुछ सदस्यों ने समर्थन किया।
 
शुक्रवार सुबह जैसे ही स्पीकर सदन में पहुंचे विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस और नेकां के  सदस्य विवादास्पद एसआरओ 105 को वापस लेने की मांग पर अड़े थे। उनका आरोप था कि इस एसआरओ से अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को मिले विशेष दर्जा भी प्रभावित होता है। 
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विधानसभा अध्यक्ष की ओर से चर्चा की अनुमति न दिए जाने से नाराज सदस्यों ने कुर्सियों पर खड़े होकर नारेबाजी की। वेल में भी पहुंच गए। विपक्ष ने चोरबाजारी नहीं चलेगी, गुंडागर्दी नहीं चलेगी, पंजाब के दलाल को बर्खास्त करो, दिल्ली के दलालों होश में आओ, महबूबा के दलालों होश में आओ, रिश्वतखोरी नहीं चलेगी, आरएसएस, पीडीपी-भाजपा सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। 

वेल में उधमपुर विधायक पवन गुप्ता और इंजीनियर रशीद भी विरोध जताने पहुंचे थे। इस दौरान प्रश्नकाल चलता रहा। सदस्यों के वेल में नारेबाजी करने पर संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने विपक्ष से कहा कि वे वेल में रहेंगे तो जवाब नहीं मिलेगा। 
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कांग्रेस तथा नेकां के सदस्यों ने वाकआउट किया

व‌िधानसभा से बाहर जाते नेकां और कांग्रेस व‌िधायक - फोटो : Amar Ujala
लिहाजा, अपनी कुर्सियों पर जाएं। इस पर विपक्षी अपनी सीटों पर बैठ गए। पर कुछ देर बाद विपक्ष दोबारा हंगामा करते हुए वेल में पहुंच गया। इस पर स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल समाप्त होने के पहले सदन में सरकार जवाब देगी। इस पर सदस्य मान गए।

सदन में रियासत के उद्योग मंत्री चंद्रप्रकाश गंगा ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने पीआईएल के तहत आदेश दिया है। उन्होंने सदन को विश्वास दिलाया कि स्टेट सब्जेक्ट से बाहर का कोई भी खनन का ठेका नहीं ले पाएगा। इस पर सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते स्पीकर ने 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

दोबारा जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि सरकार फिलहाल इस एसआरओ की कार्यवाही स्थगित कर दे। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में सदन के सदस्यों की कमेटी की घोषणा की जो पूरे मामले में 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर एसआरओ की वापसी के संबंध में फैसला होगा। 

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कमेटी की घोषणा के बाद भी सदस्य नहीं माने। कांग्रेस के नवांग रिगजिन जोरा ने कहा कि जब सदन में आम सहमति है तो फिर इस आदेश को वापस किया जाना चाहिए। सदन की समिति का कोई मतलब नहीं है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने आपत्ति जताई कि सदन की समिति पर उंगली उठाकर सदन की तौहीन की जा रही है। 

​इस दौरान लगातार हंगामा होता रहा। इस पर कांग्रेस तथा नेकां के सदस्यों ने वाकआउट किया। लेकिन, नेकां सदस्य मोहम्मद अकबर लोन लगातार सदन में विरोध जताते रहे। कुछ देर बाद वे भी सदन से बाहर चले गए।

यह हैं समिति में
समिति में नेकां के मोहम्मद अकबर लोन, मियां अल्ताफ व देवेंद्र सिंह राणा, कांग्रेस के नवांग रिगजिन जोरा, भाजपा के चौधरी सुखनंदन व राजीव जसरोटिया, पीडीपी के जावेद हसन बेग व बशीर अहमद डार तथा पीडीएफ के हकीम मोहम्मद यासीन को रखा गया है।
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