शेर-ए-कश्मीर शेख अब्दुल्ला की जयंती पर विश्वविद्यालय में उनके शिलान्यास स्थल को तोड़े जाने से तनाव पैदा हो गया। वीरवार की देर रात कड़ी सुरक्षा वाले विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस परिसर में कुछ अज्ञात लोग इस घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन करने के साथ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। गांधीनगर पुलिस ने शिलान्यास स्थल की (सरकारी संपत्ति पर पत्थर मारकर और उसे तोड़ने के आरोप में) तोड़फोड़ पर धारा 447-ए, 336 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
घटनास्थल पर दिनभर विवि और पुलिस विभाग के अधिकारी जांच के लिए जुटे रहे। मौके से फारेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं। नेकां ने इस घटना को चुनाव पर माहौल खराब करने की शरारत करार दिया है।
16 दिसंबर, 1976 को शेख अब्दुल्ला ने जम्मू विश्वविद्यालय का नींव पत्थर रखा था। वर्ष 2013 में विवि प्रशासन ने शेख अब्दुल्ला के शिलान्यास स्थल को नए सिरे से तैयार करवाकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उद्घाटन करवाया था। शिलान्यास स्थल गेस्ट हाउस परिसर में स्थापित है।
वीरवार देर रात करीब एक बजे विवि के निजी सुरक्षा कर्मियों ने गेस्ट हाउस के भीतर से तोड़फोड़ की आवाजें सुनीं। जब सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे तो असामाजिक तत्व शिलान्यास स्थल को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त करके एक वाहन पर सवार होकर फरार हो गए।
शिलान्यास स्थल पर शेख अब्दुल्ला की नाम प्लेट को काफी क्षति पहुंचाई गई है। सुरक्षाकर्मियों की ओर से घटना की सूचना देने पर रात को ही विवि प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। शुक्रवार सुबह गांधीनगर पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शिलान्यास स्थल को कब्जे में ले लिया और किसी को भी भीतर जाने की इजाजत नहीं दी। इस दौरान मौके से फारेंसिक टीम ने दोषियों तक पहुंचने के लिए शिलान्यास स्थल से कई नमूने लिए।
पुलिस ने गेस्ट हाउस के सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की। बताया जाता है कि शिलान्यास स्थल को क्षतिग्रस्त करने के लिए असामाजिक तत्व अपने साथ बाहर से बड़े-बडे़ पत्थर लेकर आए थे।