क्या कहा था उप राज्यपाल ने?
एलजी ने कहा था, कश्मीरी पंडित कर्मियों की जायज समस्याएं और मुद्दे रहे हैं, जिन्हें एक-एक कर सुलझाया जा रहा है। कश्मीर घाटी में सुरक्षित स्थानों पर तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। किसी भी कर्मचारी की अकेले तैनाती नहीं है। कम से कम दो या तीन कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 2015 से नियुक्त कर्मचारियों के पदोन्नति के सभी मामलों का निपटारा किया जा रहा है। पहले भूमि तक नहीं मिलती थी, लेकिन अब आवास की समस्या को भी पूरी तरह से दूर किया जा रहा है।
इसके बाद उन्होंने कहा था कि कश्मीरी पंडित कर्मियों से सरकार की पूरी सहानुभूति है, लेकिन वह साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि बिना काम के अब और वेतन संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि इस बाबत गुंजाइश तलाशने के लिए कमेटी विचार कर रही है। इसके लिए नीति भी बनाई जा सकती है।