स्वच्छता के प्रति सफल आंदोलन के लिए मंत्री, अधिकारियों और लोगों को मिलकर संघर्ष करना होगा, तभी हम पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। यह विश्व की बड़ी समस्या बन गई है। आज नाले, नदियों और समुद्र में पॉलिथीन के ढेर देखे जा सकते हैं। यह जानवरों की मौत का कारण भी बन रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी लोग आगे आकर सहयोग करें।
कार्यक्रम में मौजूद उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बड़ी चुनौती बन गया है। इसका समाधान सबको मिलकर करना होगा। सेल्यूलोज स्टार्च बैग के प्रयोग से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्लास्टिक पृथ्वी के लिए खतरा बन गया है। इस खतरे से बचना होगा। पर्यावरण को बचाने के लिए पहले खुद को जिम्मेदारी लेनी होगी। बाद में दूसरे को देनी होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह पांव में कांटा लगने पर खुद ही निकालना पड़ता है, उसी तरह पॉलिथीन अभियान को सफल बनाने के लिए सबको आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि समस्या का समाधान नागरिक खुद करें। सरकारी आदेश से नहीं आप सबकी भागीदारी से पॉलिथीन का प्रयोग बंद होगा।
उन्होंने मेयर राजेंद्र शर्मा के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत रंग लाएगी। नगर निगम द्वारा जारी माई सिटी ऐप से हजारों लोग जुड़े। बच्चों ने भागीदारी निभाई और जागरूक किया। हाल में मेयर द्वारा पद यात्रा निकाली गई। इससे नई चेतना पैदा हुई है।
मेयर राजेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नगर निकाय के चुनाव 2018 में हुए। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास के नए आयाम स्थापित हुए। पहले भवन निर्माण नियमों में बदलाव और ट्री अथॉरिटी का गठन हुआ। अब डोर टू डोर कचरा एकत्रित किया जा रहा है। यह सब बड़ी उपलब्धियां हैं। अब कोट भलवाल में 110 कनाल भूमि में कचरा संयंत्र केंद्र बनाया जा रहा है।
यह सब कदम शहर को हराभरा और स्वच्छ रखने के उद्देश्य से है। नवरात्र के दौरान साख का विसर्जन तवी नदी की बजाय नहरों में किया गया। व्यवस्थित तरीके सामग्री का निस्तारण किया गया। इसमें लोगों ने सहयोग किया, तभी अभियान सफल हुआ।
पहली बार पदयात्रा में दस हजार लोग शामिल हुए। इसमें मुख्य सचिव डॉ. अरुण मेहता मुख्य रूप से मौजूद रहे। नगर निगम में बड़े बदलाव हुए। कार्यप्रणाली में सुधार किया गया। पहली बार मेयर कार्यालय सुबह नौ से 11 बजे तक खुलना शुरू हुआ।