केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की शुरुआत कोरोना महामारी से प्रभावित नहीं होगी और तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो एवं अंतरिक्ष विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और भविष्य के लिए कुछ अहम मिशनों के बारे में सोमवार को चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भले ही कोरोना महामारी के कारण रूस में चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण बाधित हो गया था। फिर भी इसरो के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक टीम का विचार है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं लांच की डेडलाइन दोनों में ही एक गुंजाइश रखी गई है।
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उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण अब फिर से शुरू हो गया है और जैसे कि योजना थी कि 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं साल गिरह से पूर्व गगनयान मिशन को लांच करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
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इसरो की गतिविधियों में निजी क्षेत्र की सहभागिता को प्रत्सोहित करने के कैबिनेट के फैसले की व्याख्या करते हुए सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्रमाणीकरण केंद्र नामक एक नियामकीय निकाय की स्थापना की जानी है। उन्होंने कहा कि यह निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराएगा और उनकी सहभागिता को प्रोत्साहित करेगा।
सिंह ने चंद्रयान 3 लुनर मिशन के बारे में कहा कि अभी तक योजना के अनुसार इसे अगले वर्ष लांच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन में मॉडयूल्स को कैरी करने के लिए एक लैंडर, रोवर तथा एक प्रोपलसन प्रणाली शामिल होगी, लेकिन इसमे आर्बिटर नहीं होगा क्योंकि पिछला आर्बिटर पूरी तरह प्रचालनगत है।