केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर शनिवार को द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।
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इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने लद्दाख की राजधानी लेह में फेस्टिवल का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने एलान किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जल्द फिल्म प्रशिक्षण संस्थान से जुड़ेंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म से जुड़ी गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन के टिप्स दिए जाएंगे। हिमालयन फिल्म फेस्टिवल को उपलब्धि करार देते हुए कहा कि लद्दाख को अब अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में भी मान्यता व पहचान मिलेगी।
देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य पर मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव से जोड़कर आयोजित फेस्टिवल को केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जन भागीदारी का मंत्र दिया है। यह आयोजन भी इसी मंत्र को सार्थक करता है। 12 हिमालयी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की प्रतिभाएं एक मंच पर आकर अपनी विशेष पहचान व संस्कृति को प्रदर्शित कर रही हैं।
ओटीटी की लोकप्रियता ने बढ़ाईं संभावनाएं
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ओटीटी मंच की लोकप्रियता से निर्माण निर्माण व प्रतिभाओं के लिए संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसका पूरा लाभ उठाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत तमाम हिमालयी राज्य अपनी विशिष्ट पहचान के बूते फिल्म जगत में भी विशेष पहचान को स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे प्रदेश भी फेस्टिवल में हिस्सा लेकर बड़े मंच की ओर अग्रसर होंगे।
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कंटेंट क्रिएशन का उपमहाद्वीप बन सकता है भारत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा महत्व विषय है। भारत में विविधताएं हैं। ऐसे में देश कंटेंट क्रिएशन का उपमहाद्वीप बन सकता है। लेकिन इस सब के लिए गुणवत्ता को बढ़ाने की जरूरत है। यहां गेमिंग और विजुअल ग्राफिक्स में बेहतर करने की बड़ी संभावना है।