न सिर्फ देश बल्कि जम्मू-कश्मीर में भी पढ़े-लिखे युवाओं के लिए बढ़ती बेरोजगारी बड़ी चिंता और चुनौती है। प्रदेश सरकार के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और रोजगार देने के तमाम दावों के बावजूद प्रदेश में बेरोजगारी दर देश में तीसरे स्थान पर बनी हुई है।
महीना 2021 2022
जनवरी 21.9 15.2 प्रतिशत
फरवरी 14.2 13.2
मार्च 9.5 25
अप्रैल 11.4 15.6
मई 11.9 18.3
जून 10.6 17.2
जुलाई 15.4 20.2
अगस्त 13.6 32.8
सितंबर 21.4 23.2
अक्तूबर 22.2 22.4
नवंबर 21.2 23.9
दिसंबर 15 ---
जम्मू-कश्मीर रोजगार विभाग ने जम्मू-कश्मीर कॅरिअर पोर्टल (जेकेईसीपी) का राष्ट्रीय कॅरिअर सेवा (एनसीएस) पोर्टल के साथ एकीकरण किया है। इस पोर्टल पर अभी तक प्रदेश के 61 हजार युवाओं ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। पोर्टल पर निजी क्षेत्र में रोजगार देने वाली कंपनियों में रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध होती है।
युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए सरकार ने कई पहल शुरू की हैं। मिशन यूथ के तहत कई स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शुरू की गई हैं। इसके परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे। सरकार युवाओं को रोजगार मांगने वाले की बजाय रोजगार देने वाला बनाने पर काम कर रही है।