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पाक गोलाबारी से सरहद के गांवों में अघोषित कर्फ्यू, दहशत में सीमांत ग्रामीण

Tue, 25 Oct 2016 03:10 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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सीमा पर दहशत - फोटो : Amar Ujala
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से। बीएसएफ की ओर से मिल रहे मुंहतोड़ जवाब से बौखलाए पाकिस्तान ने अब रिहायशी इलाकों में दिन में भी गोले दागने शुरू कर दिए हैं। सरहद के गांवों में पाकिस्तान की भारी गोलाबारी से अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
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ग्रामीणों की रात की नींद और दिन का चैन लुट रहा है। गांवों में वीरानी छाई है। ग्रामीण रोजमर्रा के काम पर जाने से भी घबराने लगे हैं। पाकिस्तानी गोले अब रात और दिन का फर्क भूलकर लगातार बरस रहे हैं। नतीजतन ग्रामीण रात को बंकरों और दिन में घरों के अंदर कैद रहने को मजबूर हैं। 

पाकिस्तान के हरपाल, पुखलियन, नंदपुर और चरवाह इलाकों से पाकिस्तानी रैंजर्स के अग्रिम पोस्ट लगातार मोर्टार दाग रहे हैं। अमर उजाला की टीम दिन के दो बजे बार्डर स्थित कानाचक्क पुलिस चौकी पहुंची तब पाकिस्तान की ओर से पास में ही लगातार चार गोले दागे गए। 
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पाकिस्तानी गोलों ने दीवारों को किया छलनी

पाक की गोलाबारी के निशान - फोटो : PTI
ललियाल और गड़खियाल के गांव दिन भर पाकिस्तानी गोलों के धमाके में सहमे रहे। हर गांव में एक जैसा मंजर दिख रहा है। घरों के बंद और अधखुले दरवाजे से छिपकर झांकती निगाहें किसी अनजाने भय से ग्रस्त दिखती हैं। दिन में गिरने वाले मोर्टार के हर धमाके के बाद अधखुले दरवाजे भी बंद हो जाते हैं। 

आरएसपुरा, अरनियां, सुचेतगढ़, कानाचक्क, गजनसू और परगवाल में पाकिस्तानी गोलों ने दीवारों को छलनी कर दिया है। रात में छप्परों के नीचे रखे जाने वाले मवेशियों पर शामत आ गई है। मवेशियों को पालकर रोजी-रोटी जुटाने वाले ग्रामीणों पर पाक गोलों का कहर बरस रहा है। रिहायशी इलाकों में गोलाबारी से जानमाल को भारी नुकसान हो रहा है।

कानाचक सेक्टर में चिकन नेक अग्रिम पोस्ट का इलाका वास्तव में मुर्गे की गर्दन की तरह है। सीमा पार पाकिस्तान की घनी बस्ती है। लिहाजा, इस पोस्ट पर सबसे अंत में मोर्चा खुलता है। लेकिन, इस बार पाकिस्तान ने यहां से भी दिन में रिहायशी इलाकों पर गोले बरसाना शुरू किया है। 
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गोलों की छर्रों से आहत हैं स्कूल-कालेज

सीमा पर तैनात जवान - फोटो : File Photo
दिन की गोलाबारी से बसें भी बंद हो गईं। ललियाल गांव की छात्रा कोमल शर्मा कहती है कि आवागमन का साधन बंद होने से उसका जम्मू के परेड स्थित वूमन कालेज जाना मुश्किल हो गया है। स्कूलों पर पहले ही ताले लटका दिए गए हैं। इस साल चौथी बार ऐसे हालात पैदा हुए हैं।

ग्रामीण मंगा राम शर्मा इतने परेशान हैं कि हमेशा के लिए घर-बार छोड़कर कहीं दूर बस जाना चाहते हैं। पास में बीएसएफ की बेली अजमत पोस्ट पर 89 बटालियन तैनात है। पाकिस्तान इस पोस्ट को निशाना बनाने को लगातार गोले दाग रहा है। 

अब्दुल्लियां, काराटोना और जोड़ापार्क सरहद के गांवों में बासमती धान के खेतों में पाकिस्तानी मोर्टार ने बड़े-बड़े गड्ढ़े बना दिए हैं। किसान लहलहाती फसलों को समेटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। 
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