राज्य के तीसरे सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है। आज तक रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं। कई दिन से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामान की जांच के लगाई गई स्कैनिंग मशीन खराब पड़ी है। सुरक्षा के लिए तैनात किए जवान हाथों से ही सामान की तलाशी लेकर यात्रियों को अंदर भेज रहे हैं। एसएसपी रेलवे ने कहा कि दो दिन के अंदर स्कैनिंग मशीन की मरम्मत करवा दी जाएगी।
उधमपुर शहर में रेलवे स्टेशन अति संवेदनशील इलाकों में से एक है। यहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में रेल यात्री सफर करते हैं। नार्दर्न कमांड होने के कारण सबसे ज्यादा रेल यात्री सेना के जवान और अधिकारी होते हैं। रेलवे प्रशासन और जीआरपी यात्रियों की सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के दावे कर रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। रेलवे स्टेशन में पर्याप्त ढांचा नहीं होने पर मुख्य द्वार के बाहर दो टिकट काउंटर हैं। इन्हीं काउंटरों पास यात्रियों के सामान की जांच के लिए स्कैनिंग मशीन लगाई गई है।
नियम के अनुसार हर यात्री को अपने सामान की जांच करवानी होती है। उसके बाद ही यात्री स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकता है। लेकिन कुछ दिन से स्कैनिंग मशीन खराब पड़ी है। इसको अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। हालात ये गए हैं कि रेलवे स्टेशन पर तैनात किए गए जवान हाथों से सामान की तलाशी लेकर केवल औपचारिकता ही पूरी कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर लगाया गया मेटर डिटेक्टर भी नाम का ही है। इसका इस्तेमाल कभी कभार ही होता नजर आता है। इसके अलावा आज तक उधमपुर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाए हैं, जिसके कारण हमेशा की रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था अधूरी ही रहती है। छह महीने पहले रेलवे ने उधमपुर रेलवे स्टेशन सीसीटीवी कैमरे लगाने का एलान किया था, लेकिन आज तक यह कैमरे लगे हैं।