मनरेगा के तहत किए गए काम की दिहाड़ी की राशि जारी करने की मांग को लेकर वार्ड नंबर 20 के स्याल सल्लन इलाके के लोगों ने पार्षद जगदीश कुमार के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्याल सल्लन के लोगों ने बताया कि 2016 से 2019 तक उनको मनरेगा की राशि जारी नहीं की गई है। जबकि राशि न मिलने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
सुबह करीब साढ़े दस बजे लोगों ने पार्षद जगदीश कुमार के नेतृत्व में सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जगदेव सिंह जग्गा भी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान जगदीश कुमार ने बताया कि 2016 से 2019 तक वार्ड नंबर का ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण विकास विभाग के अधीन था।
इसमें मनरेगा के तहत कई प्रोजेक्ट पर काम किया गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने दिहाड़ी लगाई और उनको रोजगार मिला। इसके साथ कई ठेकेदार ने लाखों रुपये खर्च कर काम करवाया। लेकिन आज तक सरकार की तरफ से इनके काम की राशि जारी नहीं की गई है। ठेकेदारों की लाखों की राशि फंसी हुई है।
इसके साथ सैकड़ों ग्रामीण दिहाड़ी की राशि को तरस रहे हैं। अब स्याल सल्लन का पूरा इलाका वार्ड नंबर 20 के अधीन आ गया है। लेकिन आज तक उनको मनरेगा की राशि नहीं मिल सकी है। राशि न मिलने के कारण दिहाड़ीदार आज भी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।
दिहाड़ीदारों ने कई महीनों तक मनरेगा के तहत काम किया है और सरकार से हजारों रुपये लेने है। इसी तरह से ठेकेदारों ने करोड़ों की राशि लेनी है। दिहाड़ीदारों के साथ ही अब ठेकेदार भी आर्थिक परेशानियों से जूझने को मजबूर है।
जगदेव सिंह ने कहा कि मनरेगा की राशि जारी करने की मांग को लेकर पूरे जिले में अभियान छेड़ रखा है। जिले के विभिन्न हिस्सों में जाकर रोष रैली निकाल कर प्रदर्शन किया जा रहा है। आज सभी ने शहर के स्याल सल्लन इलाकें रोष प्रकट किया है। जब तक सरकार बकाया राशि को जारी नहीं करती है। धरना प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेंगे।