उधमपुर आतंकी हमले में जिंदा पकडे़ गए आतंकी नावेद की निशानदेही पर पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके बताए ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
जिन्हें हिरासत में लिया गया है उनमें जावेद पर्रे है, जो पेशे से ट्रक चालक है और पुलिस को शक है कि इसी ने उन आतंकियों को उधमपुर तक पहुंचाया था। पुलिस द्वारा अल्ताफ वानी (पेशे से सेल्समैन), फैयाज वानी और जावेद वानी (दोनों पेशे से बढ़ई) हैं, को भी हिरासत में लिया है।
इन पर शक है कि आतंकी इनके घर ठहरे थे। इन सभी को नावेद की निशानदेही पर पुलवामा जिले के चारसू अवंतीपुरा से हिरासत में लिया गया है।
इसके अलावा पुलिस द्वारा कुलगाम जिले के खुड़वानी इलाके के अब्दुल रहमान यटू को भी हिरासत में लिया गया है। रहमान एक फरार संदिग्ध फैयाज अहमद का पिता है, जिस पर आतंकियों को पनाह देने का शक है।
छह आतंकियों के साथ करीब 45 दिन बिताए
जानकारी यह भी मिल रही है कि आतंकी मोहम्मद नावेद ने पुलवामा जिले के ख्रयु इलाके में अन्य छह आतंकियों के साथ करीब 45 दिन बिताए हैं। इस दौरान उन्हें हाईडआउट और अन्य सहायता आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा के डिवीजनल कमांडर अबु दुजाना द्वारा मुहैया करवाई गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अबु दुजाना ही वह शख्स था जिसने श्रीनगर जाकर रियाज अहमद नामक शख्स से पैसे लिए थे। रियाज कुलगाम में वेल्डिंग की दुकान चलाता है और इससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है कि आखिर उसकी भूमिका क्या रही है।
जितनी भी गिरफ्तारियां अभी तक हुई हैं, सभी दक्षिणी कश्मीर में हुई हैं और सब नावेद की निशानदेही पर हुई हैं। फिलहाल नावेद की विभिन्न एजेंसियों द्वारा पूछताछ एक अज्ञात स्थान पर जारी है और सूचना यह भी है कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की एक टीम घाटी में मौजूद है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को औपचारिक तौर से पुलिस नावेद को एनआईए को सौंप सकती है। पुलिस को अभी उम्मीद है कि नावेद और खुलासे करेगा जिससे और गिरफ्तारियां अंजाम में लाई जा सकती हैं।
नावेद की निशानदेही पर ही कासिम की घेराबंदी
यह भी खबर है कि हमले को अंजाम देने वाली जगह तक अबु कासिम भी नावेद और नोमान के साथ गया था और इस बीच पुलवामा पुलिस द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह चकमा देने में सफल रहे।
सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि छह अगस्त को जो सुरक्षाबलों ने घेराबंदी की थी जिसमें अबु कासिम उर्फ कासिम भाई फंस गया था। वह भी नावेद की निशानदेही पर हुई थी।
लेकिन उस मुठभेड़ में एक स्थार्यी आतंकी कमांडर तालिब हुसैन शाह मारा गया जबकि अबु कासिम और मंज़ूर नामक दो आतंकी सुरक्षाबलों को चकमा देने में कामयाब रहे। कासिम एक पाकिस्तानी खूंखार आतंकी है और कई बार सुरक्षाबलों को चकमा देने में कामयाब रहा है।