अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार त्रिनेत्र सुरक्षा करेगा। यह एक यूवीए है जिसे आतंकी गतिविधियों तथा संदिग्धों पर नजर रखने के लिए लगाया जाएगा। 400 मीटर की ऊंचाई से चार किलोमीटर के दायरे में इसकी नजर रहेगी। पूरे यात्रा मार्ग पर जगह-जगह जैमर लगाए जाएंगे।
भगवती नगर बेस कैंप से लेकर पूरे यात्रा मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी इस बार सीआरपीएफ के हवाले की गई है। पहले अन्य एजेंसियां भी सुरक्षा में लगी रहती थीं। थ्री टीयर सुरक्षा में जम्मू कश्मीर पुलिस, पैरा मिलिट्री फोर्स तथा सेना की तैनाती रहेगी।
सीआरपीएफ की ओर से क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है जो अलग-अलग इलाकों में तैनात रहेंगी। ये अपने-अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना पर नियंत्रण करने के लिए आगे आएंगी। क्यूआरटी की टीम को आरक्षित भी रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके।
जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर रहेगा कड़ा पहरा
हाइवे पर होगा कड़ा पहरा
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जम्मू से लेकर पूरे यात्रा मार्ग में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर 24 घंटे सुरक्षा बलों का पहरा रहेगा। आईईडी धमाके से बचने के लिए रोड ओपनिंग पार्टी के साथ ही आधुनिक उपकरणों की मदद ली जाएगी। डॉग स्क्वायड की भी मदद से पूरे इलाके को खंगाला जाएगा। रास्ते में पड़ने वाले दुर्गम इलाकों तथा जंगलों में भारी फोर्स की तैनाती रहेगी। भगवती नगर बेस कैंप की सुरक्षा के लिए पांच कंपनियों की तैनाती की गई है।
सूत्रों का कहना है कि घाटी में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से बौखलाहट है। ऐसे में अमरनाथ यात्रियों पर हमले किए जा सकते हैं। अमरनाथ यात्री आतंकियों के साफ्ट टारगेट हो सकते हैं। यात्रियों पर हमले की पूरे देश में प्रतिक्रिया हो सकती है। इस वजह से सुरक्षा बल अधिक सतर्कता बरत रहे हैं।
हमले की खुफिया रिपोर्ट के बाद पुख्ता इंतजाम : आईजी सीआरपीएफ
Amarnath Yatra 2017
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सीआरपीएफ के आईजी एवी चौहान का कहना है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान हमले की कोई विशेष सूचना नहीं है, लेकिन हमले की खुफिया रिपोर्ट है। माना जा रहा है कि आतंकवादी हताश हैं। ऐसे में बौखलाहट में हमले कर वे अपनी मौजूदगी दर्शा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि सीआरपीएफ ने यात्रा को सकुशल संपन्न कराने को चुनौती के रूप में लिया है। यात्रियों को बिना किसी डर भय के बाबा भोले के दर्शन के लिए आना चाहिए। इस प्रकार की व्यवस्था की गई है कि कम समय में बिना किसी नुकसान के यात्रियों की मुकम्मल सुरक्षा की जा सके।