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अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: डेढ़ साल में ही घुटनों पर आ गया पाकिस्तान, छह महीने से गोलाबारी नहीं

Thu, 05 Aug 2021 10:19 AM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू

सार

भारतीय सेना ने अपने आपको इतना मजबूत किया है कि सरहद पर आतंकी अब घुसपैठ नहीं कर पा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में सेना और बीएसएफ को तकनीकी तंत्र पर मजबूत किया गया है।
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एलओसी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
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अनुच्छेद-370 हटने के बाद पाकिस्तान इतना बौखला गया कि सरहद पर हर रोज सीजफायर तोड़ने लगा। हिमाकत इतनी हो गई कि दिन में आठ से दस बार भी गोलाबार की गई। हालांकि पाकिस्तान की यह हिमाकत डेढ़ साल में ही हांफ गई। भारतीय सेना ने उसको ऐसा जवाब दिया कि हाय तौबा करके सीजफायर पर पूर्ण अमल करना शुरू कर दिया। यह नतीजा है कि पिछले छह महीने में सरहद पर एक दो बार ही सीजफायर तोड़ा गया।

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2018 में पाकिस्तान ने सीमा पर 1800 बार गोलाबारी की। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा तो पाकिस्तान ने सीजफायर को बड़े स्तर पर तोड़ा। 2019 में सरहद पर 3200 बार गोलाबारी की गई। इसमें से अगस्त 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक ही 1400 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। यही नहीं अगले साल 2020 में पाकिस्तान ने सारी हदें तोड़ दीं, 5100 साल बार गोलाबारी की गई।

फरवरी 2021 तक पहले दो महीने में पाकिस्तान ने फिर से 1000 बार सीजफायर तोड़ा। लेकिन फरवरी 2021 के बाद से पाकिस्तान खामोश है। वह अब सीजफायर तोड़ने की हिम्मत नहीं कर रहा है। आमने-सामने की लड़ाई में हारा पाकिस्तान अब ड्रोन का सहारा ले रहा है। फरवरी 2021 के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर नहीं तोड़ा, लेकिन इसकी आड़ में वह ड्रोन वार चला रहा है। पिछले छह महीने में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजे जाने की 40 घटनाएं हुई हैं। इनमें से सुरक्षाबलों ने 35 को विफल किया। हालांकि इस बीच ड्रोन के जरिए जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन पर हमलाा हुआ है।
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सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान को भारतीय सेना से कड़ा सबक मिला है। उसको सीजफायर तोड़ने पर काफी बड़ा नुकसान है। पाकिस्तान की चौकियां तबाह हुईं। भारी संख्या में उनके जवान मारे गए। यही कारण है कि पाकिस्तान के सामने अब कोई दूसरा चारा नहीं रहा। 

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