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Jammu News: बाप-बेटे की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास

Wed, 15 Oct 2025 02:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह भाऊ ने मंगलवार को काका राम पुत्र नेक राम निवासी सदोता, तहसील पंचैरी, जिला उधमपुर और खेम राज पुत्र ईशर दास निवासी बसनोत, तहसील मोंगरी, उधमपुर को लगभग 10 साल पहले बहुचर्चित सिराज दीन और उसके बेटे बेनिया की हत्या के जुर्म में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 जून 2015 को शिकायतकर्ता अब्दुल करीम पुत्र जमाल दीन गुज्जर निवासी खेरी, तहसील बिश्नाह, जम्मू ने पुलिस स्टेशन में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया था कि उसके सगे भाई सिराज दीन ने लगभग 30 साल पहले सदोता मोहरा मर्री, तहसील पंचैरी में काका राम से जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था और वहां मकान बनवाया था। पिछले तीस सालों से उसी मकान में रह रहा था। 22 जून 2015 को वह अपने एक रिश्तेदार की मृत्यु के सिलसिले में गहलोत के पास आया था और 23 जून 2015 को सुबह अब्दुल रशीद पुत्र बीरबाज गुज्जर निवासी मधोता ने उसे फोन पर बताया कि सिराज दीन की किसी व्यक्ति ने हत्या कर दी है। इस पर वह अपने भाई के घर पहुंचा तो देखा कि सिराज दीन और उसके बेटे बेनिया दोनों की किसी ने हत्या कर दी है।

इस पर पंचैरी पुलिस ने भूमि विवाद में हत्या से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अदालत में चालान पेश किया। प्रधान सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह भाऊ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के अपराध को धारा 302 आरपीसी के तहत सफलतापूर्वक साबित कर दिया है। इसलिए दोषियों में काका राम और खेम राज को धारा 302 आरपीसी के तहत अपराध करने के लिए आजीवन कठोर कारावास और प्रत्येक को 10,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषियों को धारा 449 आरपीसी के तहत अपराध करने के लिए दस साल के कठोर कारावास और प्रत्येक को 5,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। जांच और मुकदमे के दौरान पहले से ही बिताई गई हिरासत की अवधि को सीआरपीसी की धारा 397-ए के अनुसार कारावास की मूल सजा से घटा दिया जाएगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि जुर्माना वसूला जाता है, तो उसे मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को दिया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जम्मू-कश्मीर को पीड़ित मुआवजा योजना के अनुसार मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को वैधानिक मुआवजा देने की सिफारिश और अनुरोध किया जाता है।
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