भाजपा के दो नेताओं ने दिया इस्तीफा
उत्तरी कश्मीर में भाजपा के दो और युवा नेताओं ने वीरवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बांदीपोरा जिले में भाजपा युवा नेता वसीम बारी और उनके परिवार के दो सदस्यों की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद पिछले करीब एक सप्ताह के भीतर भाजपा के चार युवा नेता इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से कुछ ने सुरक्षा को कारण बताया है तो किसी ने पार्टी से अपनी निजी नाराजगी का बहाना जता दूरी बना ली है। आने वाले कुछ दिनों में और इस्तीफे देखने को मिल सकते हैं क्योंकि आतंकी संगठनों की धमकी से इनमें खौफ दिख रहा है।
गत रविवार को वसीम बारी के घर पर गए राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने हर भाजपा नेता को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की थी। इसके बावजूद भी भाजपाइयों में कहीं न कहीं जान का खतरा बना हुआ है जिसके चलते वह इस्तीफा दे रहे हैं।
इस बीच कुछ महीने पहले भाजपा में शामिल होने वाली हंदवाड़ा की सामाजिक कार्यकर्ता मुबीना बानो ने वीरवार को भाजपा से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। मुबीना ने कहा, मैं 2015 से अपने इलाके के लोगों के लिए काम कर रही हूं। लोगों की मुश्किलें दूर करने के लिए भाजपा में शामिल हुई थी, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर लोगों के कोई मसले हल नहीं हुए। जो पार्टी से उम्मीद थी वह पूरी नहीं हुई।
इस बीच ठोकरपोरा हंदवाड़ा के रहने वाले बशीर अहमद मलिक ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया। वह भी सक्रिय युवा नेता रहे हैं और करीब एक महीना पहले पार्टी में शामिल हुए थे। हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण स्पष्ट नहीं किया। इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दिया है।
इससे पहले शनिवार को बारामुला जिले के भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष मारूफ भट ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर कहा था कि हम देश के लिए अपनी जान तो कुर्बान कर सकते हैं लेकिन अपने बच्चों और परिवार वालों की नहीं। उनके अनुसार दो बार उन पर हमला किया गया था लेकिन उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई। इसके अलावा कुपवाड़ा जिले के भाजपा के उपाध्यक्ष आसिफ अहमद ने भी इस्तीफा दे दिया।