मरीजों में दहशत का सबब बने स्वाइन फ्लू पर जिला अस्पताल परिसर में दो आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। हालांकि जांच और दवाओं की व्यवस्था के नाम पर पूरे जिले में कोई इंतजाम नहीं हैं। लेकिन संदिग्ध मामलों की पहचान करने और इजरमेंसी में उन्हें कुछ देर अस्पताल में रखने के बाद जम्मू रेफर करने के इंतजाम पूरे हो गए हैं।
जिला अस्पताल में चार बिस्तर क्षमता के दो अलग-अलग आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। इनमें एक वार्ड पुरुषों के लिए है, जबकि दूसरा महिलाओं के लिए, लेकिन आपात स्थिति में दवा की उपलब्ध फिलहाल नहीं है। सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पताल प्रशासन ने दवाइयां उपलब्ध करवाने संबंधी मांग की थी, जिस पर उन्हें बिना जांच के दवाइयां देने से मना कर दिया गया है।
ऐसे में केवल संदिग्ध दिखने पर मामले को जम्मू भेजने की ही व्यवस्था रहेगी। जिला अस्पताल के इंचार्ज अधीक्षक डॉ. राजिंदर कुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बारे में पूरे स्टाफ को जानकारी दे दी गई है। संदिग्ध मामला सामने आता है, तो उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। जांच और उपचार दोनों के लिए उसे जम्मू रेफर करने की व्यवस्था रहेगी।