रियासत में नेशनल हाईवे की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। अरसे से अधर में लटकीं इन परियोजनाओं के पूरा होने से एक तरफ जम्मू से लेकर अखनूर तक के यातायात को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।
चिनैनी से डोडा-किश्तवाड़ से होकर यह वैकल्पिक हाईवे खन्नाबल तक प्रस्तावित है, जिसे डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ जिले को कनेक्टिविटी मिलेगी।पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दोनों ही परियोजनाएं मार्च 2015 में नेशनल हाईवेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को सौंपी थीं। शुरुआती आकलन के अनुसार इन परियोजनाओं पर 3440 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
2740 करोड़ से बनेगा डबल लेन हाईवे
राजमार्गों के निर्माण का फैसला
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चिनैनी से सुद्धमहादेव-गोहा-खिलैनी-किश्तवाड़-सिंथन टॉप पास-खन्नाबल तक प्रस्तावित हाईवे की लंबाई 274 किलोमीटर है। 2740 करोड़ की लागत से डबल लेन हाईवे तैयार किया जाएगा जिसे एनएच-244 नाम दिया गया है।
परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कई स्थान भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील हैं। बारिश से इन स्थानों पर यातायात अवरुद्ध हो जाता है। अस्सर बग्गर में हाईवे धंसने की घटना हो या फिर हाईवे पर पस्सियां गिरने का सिलसिला, कई मर्तबा हाईवे ठप होने से रियासत का बड़ा हिस्सा सड़क संपर्क से कट चुका है।
एनआईडीसीएल ने डीपीआर सर्वे अवार्ड किया
नेशनल हाईवे
इसी तरह से 35 किलोमीटर लंबाई वाले जम्मू-अखनूर नेशनल हाईवे को एनएच-144ए का नाम दिया गया है। यातायात के अत्यधिक लोड की वजह से जम्मू-अखनूर में जाम और सड़क हादसों की चुनौती लगातार बढ़ रही है। एनएचआईडीसीएल इसे फोर लेन तैयार करेगा।
एनएचआईडीसीएल के डिप्टी जनरल मैनेजर अशोक कुमार झा के अनुसार डीपीआर का काम अवार्ड कर दिया गया है। मंडलायुक्त और आरएंडबी के चीफ इंजीनियर के साथ औपचारिक बैठक के बाद डीपीआर का सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।