गणतंत्र दिवस के मद्देनजर आतंकी हमले की आशंका और पाकिस्तानी गोलाबारी के डर से अरनियां सेक्टर के सीमावर्ती गांवों के लोगों ने अपना बोरिया-बिस्तर बांध रखा है। इसलिए कि हालात बिगड़ने की सूरत में वह आननफानन में घरबार छोड़कर कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग सकें।
दहशत के साये में जी रहे इन ग्रामीणों पर अगली दो रातें भारी गुजरती दिख रही हैं। पिछले दिनों से हो रही पाकिस्तानी गोलाबारी ने पूरे अरनियां सेक्टर में गांवों के लोगों का चैन छीन लिया है। सेक्टर के पिंडी चाढका, चंगिया, काकू दे कोठे, रंगपुर तरेबा, कोटला कैंप, कडवाल, जग्वाल आदि गांवों के लोगों के कान हर समय सीमा की ओर लगे रहते हैं।
उनकी निगाहें भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों समेत पाकिस्तानी क्षेत्र की हर गतिविधि पर लगी हुई हैं। पंचायत चंगिया के सरपंच डाक्टर रघुवीर सिंह, तरेबा के सरपंच जगदीश राज का कहना है कि पिछले कई दिनों से पाकिस्तानी रेंजर छोटे हथियारों से गोलाबारी कर रहे हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सब गणतंत्र दिवस के चलते हो रहा है।