जम्मू और श्रीनगर में दो एयरपोर्ट टर्मिनल 23 सौ करोड़ की लागत से बनेंगे। इनमें जम्मू में 861 करोड़ की लागत से सिविल एनक्लेव (हवाई अड्डा) और 1500 करोड़ की लागत से श्रीनगर के टर्मिनल भवन का विस्तारीकरण किया जाएगा। यह घोषणा नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को की।
उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू में विमानन सेक्टर को पुनर्जीवित करने में एयर फ्यूल पर वैट 26.5 फीसदी से घटाकर एक फीसदी और लोड पैनल्टी हटाना महत्वपूर्ण रहा है। लोगों को दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए जाने को बेहतर सुविधाएं मिली हैं।
श्रीनगर एयरपोर्ट ने विमानों की संख्या के हिसाब से रिकॉर्ड बनाया है। पहले रोजाना 20-25 फ्लाइट थी जो एक साल के भीतर बढ़कर 80-100 हो गई है। कहा कि समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।
पिछले तीन सालों में इसमें कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व प्रगति ने जम्मू-कश्मीर को अपनी क्षमताओं के पूर्ण उपयोग का अवसर प्रदान किया है। पर्यटन के क्षेत्र में जबर्दस्त विकास हुआ है।
75 ऑफबीट स्थलों को विकसित किया जा रहा है जिससे आम नागरिकों को अपनी ऊर्जा तथा प्रतिभा उपयोग का मौका मिलेगा। समन्वित विकास से आत्म निर्भर जम्मू-कश्मीर का सपना साकार होगा।
आज बढ़ती अर्थव्यवस्था, कृषि व संबंधित क्षेत्र के लिए बाजार का विस्तार और उद्योगों का आधार बढ़ाकर जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को देश की मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।
समिट का उद्देश्य देश में विश्व स्तरीय हेलिकॉप्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। हिमालयी राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन स्थलों को बिना बाधा हेली सुविधाएं उपलब्ध कराना, हेलिकॉप्टर आधारित आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना और उद्योगों के विकास में हेलिकॉप्टर की भूमिका को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में नागरिक विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल व अतिरिक्त सचिव उषा पाधे, एयर बस इंडिया के महा प्रबंधक रेमी मेलॉर्ड, प्रमुख सचिव नागरिक विमानन विभाग आलोक कुमार और विभिन्न हेली कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।