सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नशा तस्करी के 22 वर्ष पुराने मामले में दो आरोपियों को अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पूर्णतः असंतोषजनक और पर्याप्त सबूतों की कमी के चलते आरोप मुक्त कर बरी कर दिया।
पुलिस की ओर से कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार मामला वर्ष 2012 का है। पुलिस ने सांबा के मानसर मोढ़ के पास के ट्रक को रोका। तलाशी लेने पर ट्रक अंदर छुपाकर रखी गई लगभग 500 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने ट्रक में सवार चालक मुश्ताक़ अहमद मागरे और सह चालक तारिक अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट के समक्ष लाया। सुनवाई और दलीलों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मुकदमे में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर्याप्त नहीं है। कोर्ट का मानना है कि न केवल एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न अनिवार्य प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य तथ्यात्मक पहलू भी असंगत पाए गए हैं जिसके कारण मामले का वास्तविक बिंदु साबित नहीं हो पाया है। कोर्ट ने कहा कि यह भी सिद्ध नहीं हो पाया है कि कथित मादक पदार्थ अभियुक्त के वास्तविक कब्जे से बरामद किया गया था। लिहाजा दोनों आरोपियों को कोर्ट ने आरोपों से बरी कर दिया। संवाद