फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्यादा मारक साबित हो रही दोहरे आतंकी हमले की रणनीति

Thu, 01 Dec 2016 01:43 PM IST
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
Terrorist - फोटो : File Photo
विज्ञापन
आतंकी हमलों को ज्यादा मारक बनाने के लिए पाकिस्तान की दोहरे हमलों की रणनीति ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। एक ही दिन एक से ज्यादा जगहों को टारगेट कर पाकिस्तान नुकसान के दायरे को बढ़ाने की फिराक में है।
विज्ञापन


इस रणनीति को हाल के वर्षों में बहुत हद तक पाकिस्तान को कामयाबी भी मिली है।खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लगते जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में किए गए हमलों से भारी नुकसान हुआ है। हालांकि मंगलवार को रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ ने तीन आतंकियों को बिना किसी जानी नुकसान के ढेर कर दिया।

लेकिन इसी दिन नगरोटा में आतंकियों ने दो सैन्य अफसरों सहित कुल सात सैन्य कर्मियों को शहीद कर दिया। चमलियाल से नगरोटा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है।
विज्ञापन

आईबी से सटे कठुआ, सांबा और जम्मू जिले बन चुके निशाना

आतंकी हमले की साजिश - फोटो : Demp Pic.
खुफिया सूत्रों की मानें तो हमलों की इस बदली रणनीति को पार पाना चुनौतीपूर्ण है। एक से अधिक स्थानों पर हमलों से न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियाें का समन्वय प्रभावित होता है, बल्कि असमंजस का माहौल भी बन जाता है। हमले की सूचनाएं शेयर करने से लेकर आतंक रोधी अभियान चलाना अपेक्षाकृत ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

ट्विन अटैक की रणनीति को जम्मू संभाग के आईबी से सटे इलाकों में आजमाया जा रहा है। 26 सितंबर, 2013 को आतंकियों ने कठुआ और सांबा जिलों में दोहरा हमला किया। इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल सहित चार सैन्य कर्मी, चार पुलिसकर्मी और दो नागरिक मारे गए थे।

20 मार्च 2015 को आतंकियों ने कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर हमला किया। इसकी अगली सुबह इसी आतंकी समूह के दूसरे ग्रुप ने सांबा सैन्य शिविर पर हमला किया। हमले में तीन सुरक्षा बलों और नागरिकों की मौत हो गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें