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शहीद के भाई ने कहा- ‘मेरा छोटू बहुत बड़ा काम कर गया’

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शहीद कैप्टन तुषार महाजन की खुशबू सात समंदर पार तक भी पहुंच गई। अमेरिका में भारतीय उपायुक्त और विदेश मंत्रालय के सहयोग से तुषार का बड़ा भाई निखिल दो दिन बाद आखिरकार वीरवार को घर पहुंच गया। घर पहुंचते ही वह सीधे मां से जा लिपटा।
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एक बेटे के खो जाने के बाद दूसरा बेटा घर पहुंचा कि घर का माहौल दोबारा गमगीन हो गया। सबके आंसू फूट पड़े। निखिल के अनुसार वह तुषार का छोटू कहकर बुलाता था। कहा कि उसका छोटू बहुत बड़ा काम कर गया।

देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर घर, शहर और देश का नाम रोशन कर गया। एक महीने पहले जब छोटू घर आया था, तो उसकी फोन पर बातचीत हुई थी। वह काफी खुश था। घर में शादी की तैयारी चल रही थी। शादी की तैयारी पर पर उसके साथ चर्चा की थी।
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विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से जल्दी बना वीजा और दस्तावेज

निखिल ने कहा कि उसे अपने भाई की शहादत का पता चला तो घर पहुंचने के लिए वह आतुर हो गया। वीजा और अन्य दस्तावेज तैयार नहीं होने के कारण वह समय पर घर नहीं पहुंच पाया। विदेश मंत्रालय ने स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप किया।

अमेरिका में भारत उपायुक्त कार्यालय से उन्हें काफी मदद मिली। उनसे बातचीत की और दस्तावेज तैयार करने में मदद की, जिसके कारण वह जल्द ही घर पहुंच गया। उन्हें अपनी मां और पिता से मिलने की इच्छा बार-बार उठ रही थी।

रात 2:40 बजे पर वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उसका इंतजार खत्म नहीं हुआ। सुबह आठ बजे की फ्लाइट थी। इंतजार का हर पल भारी लग रहा था। फ्लाइट उड़ी और दोपहर साढ़े बारह बजे वह घर पहुंच गया। निखिल ने अपने भाई की शहादत को नमन किया।

उधमपुर के सांसद एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शहीद कैप्टन तुषार महाजन के पिता देवराज महाजन से बातचीत की। हालांकि डॉ. सिंह को वीरवार को उधमपुर आना था, लेकिन रेल बजट होने के कारण वह नहीं आ पाए।

उन्होंने कहा कि रेल बजट में व्यस्तता के कारण वह नहीं आ सके। अगले कुछ दिनों में वह तुषार के घर आएंगे। परिवार से सांत्वना प्रकट की और शहीद को याद किया।
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