नेकां प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ ताकतें समाज को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिशें कर रही हैं। ऐसी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करने की जरूरत है।
धर्मनिरपेक्ष को मजबूत बनाया जाए। यहां रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से रू-ब-रू होते हुए डा. फारूक ने उन्हें अवाम के बीच जाकर काम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कोई भी देश या समाज धर्म के नाम पर विभाजन के सिद्धांतों को अपनाकर नहीं चल सकता है। जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में ऐसे हालात नहीं बनाए जा सकते हैं।
इसके लिए लोगों को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने कहा कि नेकां गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए संघर्ष करती आई है। नई युवा पीढ़ी से भी पार्टी में ऐसी सोच की जरूरत है।