9 दिसंबर को हुई कैबिनेट मीटिंग को मुख्यमंत्री ने बीच में छोड़ दिया था और अपने कैबिनेट के साथियों से नाराज होकर अपने सरकारी निवास चली गई थीं। इस नाराजगी की वजह को लेकर उपमुख्यमंत्री और कुछ मंत्री मुख्यमंत्री से मिले भी थे।
इससे भाजपा और पीडीपी में दूरियां बढ़ने का अंदेशा भी लगाया जा रहा था। इस नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार ने मंत्रियों के एक समूह का गठन किया है, जो कैबिनेट मीटिंग में उठे मुद्दों पर अपनी राय देगा। इस समूह में भाजपा और पीडीपी के तीन-तीन मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो कश्मीर पुलिस सर्विस (केपीएस) कैडर के पुनर्गठन को देखेंगी।
उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से मंत्रियों के समूह से अगली कैबिनेट से पहले अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।