संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सेना ने रविवार को कुलगाम में आतंकी हमले में बलिदान हुए हवलदार बाबूलाल हरितवाल, सिग्नलमैन महिपाल सिंह प्रवीण सिंह और राइफलमैन वसीम सरवर को श्रद्धांजलि अर्पित की। चिनार युद्ध स्मारक बीबी कैंट में चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और सभी रैंक के अधिकारियों ने गौरवान्वित राष्ट्र की ओर से वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
सैन्य अधिकारियों ने कहा कि देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर इन सैनिकों ने देश की रक्षा की है। इनका बलिदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। जिस अदम्य साहस के साथ इन्होंने दुश्मन का मुकाबला किया, उससे आने वाली पाढ़ियों को फख्र होगा और यह इनका बलिदान भावी पीढ़ियों का सेना में आने के लिए प्रेरित करता रहेगा। सैन्य अधिकारियों ने कहा की मां भारती पर अपनी जान कुर्बान करने वाले इन वीर सपूतों पर गर्व करना चाहिए। इनके परिवारों को बलिदान पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी जमीन को बचाने के लिए सैना के जवान समय-समय पर दुश्मन को धूल चटाते रहे हैं और रहेंगे। जब भी पाकिस्तान दहशतगर्दों को भारत की सरजमीं पर भेजने की हिमाकत करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सैना के अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक सब आतंकियों का घाटी से सफाया नहीं हो जाता। राइफलमैन वसीम सरवर 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। वह जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम, जिला बांदीपोरा के रहने वाले थे। बहादुर के परिवार में उसकी पत्नी है। राइफलमैन वसीम सरवर को सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पैतृक गांवों को भेजे वीर जवानों के पार्थिव शरीर
बलिदानी हवलदार बाबूलाल हरितवाल राजस्थान के गांव हनुतपुरा, जिला जयपुर के रहने वाले थे और 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। शहीद सिग्नलमैन महिपाल सिंह प्रवीण सिंह 2016 में सेना में शामिल हुए थे। वह गुजरात में गांव विराटनगर, जिला अहमदाबाद के रहने वाले थे। सैना की ओर से इन वीर जवानों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिए गए हैं।