पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के डेलीवेजरों ने सरकार और पीएचई विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बुधवार को काम छोड़ हड़ताल को 24 घंटे के लिए और बढ़ा दिया।
प्रदर्शनकारी डेलीवेजरों ने लगातार तीसरे दिन भी प्रेस क्लब के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने अर्धनग्न होकर रियासती सरकार से लंबित वेतन जारी करने और सेवाओं को नियमित करने की मांग की।
जेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेनेड एंड सीपी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने पीएचई विभाग और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह करीब 26 हजार डेलीवेजरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सरकार इन डेलीवेजरों को नियमित करने के लिए कोई नीति तैयार नहीं कर रही है। यूनियन के प्रधान तनवीर हुसेन ने कहा कि लगातार उपेक्षा और तीन दिनों की काम छोड़ हड़ताल के बावजूद मांगों को पूरा न किए जाने को देखते हुए हड़ताल को 24 घंटे और बढ़ा दिया गया है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह पीएचई विभाग के ट्रेनेड कैजुअल लेबर (डेलीवेजरों) को नियमित करने के लिए नीति निर्धारित करे।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग की अनदेखी की तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
इस अवसर पर सुभाष चंद्र, दीपक गुप्ता, मंजीत सिंह, सुमित, दुष्यंत, मुश्ताक अहमद, परवेज अहमद, अब्दुल लतीफ, सज्जाद गनेई, शौकत, आदि भी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में रहबर ए जेरात और रहबर ए तालीम तर्ज पर आईटीआई ट्रेनेड डेलीवेजरों को नियमित करने, सीपी और नीड बेस वर्कर्स के लिए नियमित करने की नीति तैयार करने और उनका लंबित वेतन जारी करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।