वन विभाग के आयुक्त सचिव संजीव वर्मा ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंधी तौर-तरीकों की समीक्षा की। बताया गया कि वन विभाग, सामाजिक वानिकी, वन्य जीवन संरक्षण और जल संरक्षण विभागों की विंग के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाएगा।
जम्मू और कश्मीर संभाग में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण पर जोर दिया गया है। वन विभाग अपने साथ जुड़े अन्य विभागों से समन्वय मजबूत बनाकर पौधरोपण करेगा। मानसून के दौरान जम्मू संभाग में 1802 हेक्टेयर क्षेत्र में 14.15 लाख और कश्मीर में सर्दी के मौसम में 1192 हेक्टेयर क्षेत्र में 10.35 लाख पौधे लगाने की योजना बनाई है।
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ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी के साथ सामान्य भूमि, राज्य भूमि और पंचायत भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों को इस अभियान में शामिल होने के साथ जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर पीआरआई के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की सलाह दी गई है। डीडीसी और बीडीसी भी अपने अधिकार क्षेत्र में पौधरोपण अभियान में सक्रिय भाग लेंगे।
सामाजिक वानिकी विभाग ने कृषि वानिकी कार्यक्रम के तहत इच्छुक किसानों और आम लोगों को विभिन्न पौधों को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाने की योजना बनाई है। ग्राम पंचायत पौधरोपण समितियों (वीपीपीसी) द्वारा अपने संबंधित पंचायतों के अधिकार क्षेत्र के भीतर पौधे लगाने जोर दिया जाएगा। चारा, ईंधन और छोटी लकड़ी जैसे लाभ पंचायतों को मुफ्त मिलेंगे और अंतिम कटाई के बाद प्राप्त होने वाला 75 फीसदी राजस्व वीपीपीसी के खाते में जमा किया जाएगा। आयुक्त सचिव ने जंबू-जू में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की।