फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेकेआरटीसी ने जम्मू संभाग के सभी जिलों के लिए दो-दो अतिरिक्त बसें चलाईं

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। निजी बस संचालकों की हड़ताल का असर जम्मू शहर और अंतर जिला रूट्स पर दिख रहा है। निजी बसें नहीं चलने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ने जम्मू संभाग के सभी जिलों में दो-दो अतिरिक्त बसें शुरू की हैं। हालांकि इन बसों की संख्या निजी बसों के मुकाबले काफी कम है, लेकिन मौजूदा समय में इन बसों के चलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। इससे पहले जम्मू जिले के लिए दस अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई गईं हैं।
विज्ञापन

जेकेएसआरटीसी ने जम्मू शहर में 30 बसें चला रहा है। इनमें नियमित 20 इलेक्ट्रिक बसों के साथ 10 अतिरिक्त बसें शामिल हैं। अंतर जिला रूट्स पर भी बसों की संख्या में बढ़ोतरी की है। सबसे ज्यादा जम्मू-लखनपुर रूट्स पर बसों को चलाया जा रहा है। इससे सांबा और कठुआ जिले के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगा। जीएम ऑपरेशनल जम्मू संभाग स्वर्ण सिंह ने कहा कि यात्रियों की मांग के अनुरूप बसों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। सभी जिलों के लिए दो-दो अतिरिक्त बसें चलाई हैं, मांग के अनुरूप ही इन बसों को चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की संख्या काफी कम है, ऐसे में कुछ जिलों के लिए सिर्फ एक-एक बस ही चलाई जा रही है। जम्मू-लखनपुर रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक है, ऐसे में इस रूट पर 10 से 12 बसें चलाई जा रही हैं।
---------
सरकार किराया नहीं बढ़ा सकती
तो कोई पैकेज की घोषणा करे
ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की हड़ताल से प्रदेश में सार्वजनिक यात्री वाहन चार दिन से बंद हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही है। मिनी बस यूनियन के अध्यक्ष विजय चिब ने कहा कि हमने उप राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। मांग की कि 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिचालन के आदेश पर सरकार या तो 50 प्रतिशत यात्री किराया बढ़ाए या फिर ट्रांसपोर्टरों के लिए कोई पैकेज की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हालात यह हैं कि वे लोग अगर गाड़ी चलाते हैं तो नुकसान होगा।
विज्ञापन

--------
लगातार चार दिन से मेटाडोर का चक्का जाम
गंतव्य तक पहुंचने में लोगों के छूट रहे पसीने
लगातार चार दिन से मेटाडोर और निजी बसों का चक्का जाम होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई लोग पैदल ही अपने गंतव्य तक सफर कर रहे हैं। शनिवार को तेज धूप के कारण पैदल चलते यात्रियों के खूब पसीने छूटे। निजी बस संचालक 50 प्रतिशत किराया बढ़ाए बिना वाहन चलाने को तैयार नहीं हैं। ऑटो वाले भी मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें