अभिमुखीकरण कार्यक्रम : उपसभापति हरिवंश व सांसद जायसवाल समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दिए टिप्स
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही सहित अन्य प्रक्रियात्मक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। तीन दिवसीय अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम में पहले दिन छह घंटे के सत्र में विधायकों को विशेषाधिकार, शक्तियां, सवाल-जवाब, बिल लाने व इसे पास करने के तरीके बताए गए।
लोकसभा सचिवालय की अनुमान समिति के चेयरपर्सन एवं सांसद संजय जायसवाल व राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने विधायकों को अनुभवी टिप्स दिए। लोकसभा सचिवालय के संसदीय शोध व प्रशिक्षण संस्थान लोकतंत्र (प्राइड) ने जम्मू विधानसभा के सेंट्रल हाॅल में वीरवार को कार्यक्रम शुरू किया।
पहले दिन करीब 60 विधायक शामिल हुए। इनमें विधायक के रूप में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर, कैबिनेट मंत्री सकीना इट्टू, जावेद राणा भी मौजूद रहे।
सीएम ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी, सोमनाथ चटर्जी, इंद्रजीत गुप्ता, चंद्रशेखर और प्रणब मुखर्जी जैसे प्रख्यात सांसदों के योगदान, उनके विश्लेषण व गरिमापूर्ण आचरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने विधायकों से इन प्रतिष्ठित नेताओं का अनुकरण करने व विधानसभा के विचार-विमर्श में सार्थक योगदान देने का आग्रह किया। विधानसभा सचिव मनोज कुमार पंडित ने परिचयात्मक टिप्पणी दी। डाॅ. जायसवाल ने कहा कि जनता के मुद्दों के लिए विधानसभा अहम मंच होता है और विधायकों को इसकी गरिमा के भीतर काम करना चाहिए। शोर-शराबे के बजाय जनता के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाकर उनके समाधान तक जाना चाहिए। किसी भी सरकार में एक मजबूत विपक्ष का होना जरूरी है। आगामी कार्यक्रम में विधायकों को विधानमंडल को कागज रहित बनाने, डिजिटल कार्यप्रणाली आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम 11 जनवरी तक चलेगा।
हम पहले भी विस के सदस्य थे, लेकिन तब राज्य था और अब यूटी है : सीएम ने कहा, विधायकों के लिए कार्यक्रम में नया सीखने को मिल रहा है। हम पहले भी विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन तब जम्मू-कश्मीर की विधानसभा थी और अब केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा है। हमें समझना होगा कि किस तरह से विधानसभा में बेहतर ढंग से काम किया जा सके। नई सरकार के बेहतर ढंग से कामकाज करने के लिए ऐसे सत्र महत्वपूर्ण साबित होंगे। हम उम्मीद करते हैं कि आगामी विधानसभा सत्र बेहतर होगा और जनप्रतिनिधि अपने मुद्दों को सरलता ढंग से रख सकेंगे। सरकार की कोशिश रहेगी कि लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता पर हल किया जाए।
विस गतिविधियां बढ़ेंगी : विधायकों को प्रशिक्षण के बाद विधानसभा गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। फरवरी में बजट सत्र प्रस्तावित है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का गठन अक्तूबर, 2024 में किया गया था। 90 सदस्यों वाली विधानसभा में मौजूदा 88 विधायक हैं। नगरोटा और बडगाम की सीट पर उपचुनाव होने हैं। नई विधानसभा में 51 विधायक पहली बार चुने गए हैं, यानी आधे से अधिक विधायकों को पहली बार विधानसभा का अनुभव हो रहा है। नेकां के 24, भाजपा के 15, छह निर्दलीय, पीडीपी के तीन, कांग्रेस के दो और आम आदमी पार्टी का एक विधायक शामिल है।
उपसभापति ने बजट निर्माण और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बारे में बताया : उपसभापति हरिवंश ने विधायकों को सदन के सुचारु संचालन के लिए लगन से काम करने व विधायी मानदंडों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बजट निर्माण और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों को प्रक्रिया और कामकाज के संचालन के नियमों से परिचित कराने के लिए कार्यक्रम के महत्व पर जोर दिया।
जायसवाल ने भारतीय विधानमंडलों में समिति प्रणाली पर दिया व्याख्यान : तकनीकी सत्र में प्राइड के निदेशक पीके मलिक ने संस्थान के उद्देश्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हुए विधायकों की क्षमता निर्माण में इसकी भूमिका के बारे में बताया। अनुमान समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने भारतीय विधानमंडलों में समिति प्रणाली पर व्याख्यान दिया। इसमें समितियों के प्रभावी गठन, प्रबंधन के लिए अंतर्दृष्टि और सुझाव साझा किए।