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Train To Kashmir: रिसासी तक ट्रेन के सफल ट्रायल से युवाओं के सपनों को लगे पंख, रोजगार की जगी उम्मीद

Tue, 18 Jun 2024 12:26 PM IST
kumar गुलशन कुमार विकास बड़ू, रियासी

सार

युवाओं का कहना है कि इस ट्रैक पर ट्रेन चलने के बाद व्यापार में वृद्धि होगी और रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। इसलिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन जल्द से जल्द इस ट्रैक पर ट्रेन चलाए।
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रियासी में रेलवे पुल से गुजरता हुआ इंजन - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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सावलाकोट से रिसासी तक रेल चलाने के सफल ट्रायल के बाद से लोगों, खासकर युवाओं में खुशी की लहर है। रविवार को ट्रैक के निरीक्षण के लिए पहली बार रियासी स्टेशन तक विद्युत चलित इंजन सीटियां बजाता हुआ पहुंचा था। इसे देखने के लिए युवाओं की भीड़ भी रियासी स्टेशन पर एकत्रित हुई थी। 

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युवाओं का कहना है कि इस ट्रैक पर ट्रेन चलने के बाद व्यापार में वृद्धि होगी और रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। इसलिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन जल्द से जल्द इस ट्रैक पर ट्रेन चलाए।

किफायती किराये में कश्मीर घूमने का मिलेगा मौका

इंजन के सफल ट्रायल के बाद कोई दो राय नहीं है कि कश्मीर से ट्रेन को रियासी और फिर बाद में कटरा पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ट्रायल के बाद ट्रेन चलने की उम्मीद है। कश्मीर से रियासी के लिए रेल चलेगी तो लोग किफायती किराये में कश्मीर की सैर कर पाएंगे। कटरा में आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ महीनों का और इंतजार करना होगा। -सुशैन दूबे,स्थानीय युवा।

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स्थानीय पर्यटन स्थलों को विकसित करे प्रशासन

रियासी से घाटी का रेल के जरिये जुड़ना युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगा। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा में माता के दर्शनों के उपरांत ज्यादातर यात्री कश्मीर का रूख रेल के माध्यम से ही करेंगे। जिला प्रशासन को चाहिए कि रियासी का महत्व बढ़ाने के लिए भीमगढ़ फोर्ट, जनाना पार्क, सुला पार्क, श्री कालिका माता मंदिर, दरिया चिनाब, कांसीपट्टा, सियाड़ बाबा, डैमटाप, चनकाह जैसे इलाकों को और ज्यादा विकसित किया जाए ताकि बाहरी राज्यों के लोग इन स्थानों को भी देखने आएं। -अंशुल नरगोत्रा,स्थानीय युवा

ट्रेन चलना जिले के लिए गर्व की बात

घाटी में ट्रेन को पहुंचाने के लिए सभी लोगों खासकर छोटे कामगारों का काफी अहम रोल रहा है। पहाड़ों को काटकर सुरंग से मार्गों का विस्तार किया गया ताकि मशीनरी को मौके पर पहुंचाया जा सके। कश्मीर तक ट्रेन को पहुंचाया जा सके इसके लिए कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। ट्रेन चलना जिले के लिए गर्व की बात है। पच्चीस वर्ष पहले शुरू हुआ प्रोजेक्ट अब समाप्ति की कगार पर है। -विशाल पंडोह, स्थानीय युवा
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