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लद्दाख और मनाली तक पहुंचेगी ट्रेन, सेना की मुश्किलें होंगी कम

Sun, 04 Sep 2016 07:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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ट्रेन - फोटो : File Photo
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अब वह दिन दूर नहीं है, जब ट्रेन से लोग लेह और मनाली जाएंगे। रेलवे ने बिलासपुर-मनाली-लेह रेल मार्ग का सर्वे शुरू कर दिया है।
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दो दिन से नार्दर्न रेलवे के जीएम एके पुथिया, फिरोजपुर डिवीजन के डीआरएम अनुज प्रकाश और चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर कंस्ट्रक्शन विंग जगदीप राय लेह में हैं।

इन अधिकारियों ने लेह के सांसद थुपस्तान छवांग, कोआपरेटिव एंड लद्दाख अफेयर्स मिनिस्टर छेरिंग दोरजे, चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर, एलएएचडीसी चेयरमैन डा. सोनम दावा लोंपो और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बैठक करके रेल मार्ग बिछाने के सर्वे को लेकर चर्चा की है।
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लेह में स्थापित होगा कैंप आफिस

ट्रेन - फोटो : File Photo
बिलासपुर-मनाली-लेह रेल मार्ग तैयार करने को लेकर 28 अगस्त को जीएम, डीआरएम और अन्य अधिकारियों ने कुल्लू में हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में रेल मार्ग तैयार करने के लिए रूट पर चर्चा हुई थी।

इसी बैठक में रेलवे को डिफेंस से भी ग्रांट मिली है। रेलवे अधिकारियों ने शनिवार को लेह में आयोजित बैठक में एलएएचडीसी के चेयरमैन से सर्वे के काम के लिए लेह में कैंप आफिस स्थापित करने के लिए अनुमति देने की अपील की।

चेयरमैन ने रेलवे अधिकारियों से कहा कि एक लिखित आवेदन उनको दिया जाए। वे पूरा सहयोग करेंगे। रेलवे अधिकारियों ने सर्वे के कार्य को लेकर सेना के अधिकारियों से भी बैठक की। 
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सेना के लिहाज से जरूरी

सेना - फोटो : PTI
केंद्र सरकार सेना की ताकत बढ़ाने के लिए इस काम को शुरू करवाना चाहती है। लेह, कारगिल व सियाचिन तक सेना को जरूरत का सामान पहुंचाने के लिए हेलीकाप्टर या फिर वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन रेल मार्ग तैयार होने के बाद सेना को आसानी होगी।

50 हजार करोड़ होंगे खर्च
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर-मनाली-लेह के बीच करीब 600 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बनना है और इस पर केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। केंद्र से रेलवे अधिकारियों को आदेश मिले हैं कि इस योजना पर जल्द काम शुरू किया जाए। आदेश मिलने पर रेलवे ने इसको लेकर युद्ध स्तर पर काम शुरू किया है। 
 
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