बनिहाल से करीब आठ किलोमीटर दूर शैतानी नाला इलाके में ट्राले का हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने के बाद ट्रेन की बोगी हादसे का शिकार होते-होते बची।
रेलवे ने कड़ी मशक्कत कर बोगी को किनारे पर खड़ा कर शैतानी नाले में गिरने से बचा दिया है, लेकिन इसको घाटी तक पहुंचाना टेढ़ी खीर बन चुका है। इसके लिए स्पेशल 100 टन की क्रेन को घटना स्थल पर पहुंचाया जा रहा है, लेकिन राजमार्ग बंद होने के कारण इसमें कामयाबी नहीं मिल रही है।
घाटी में रेलवे ने सभी ट्रेनों की बोगियों को सड़क मार्ग के जरिये ही पहुंचाया है। एक-एक करके ट्रेन की बोगी और इंजन को ट्राले के जरिये घाटी ले जाया है। मंगलवार को ट्रेन की बोगी लेकर ट्राला जैसे ही शैतानी नाला इलाके में पहुंचा तो हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने के बाद ट्राले से चालक नियंत्रण खो बैठा और बोगी शैतानी नाले की तरफ झुक गई। एक पल ऐसा लगा कि बोगी कुछ ही देर में शैतानी नाले में जा गिरेगी और रेलवे को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।
घटना के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जब रेलवे को सूचना मिली तो तुरंत 35-35 टन की दो क्रेन को मौके पर भेजा गया। सेना और ट्रैफिक पुलिस भी मदद को मौके पर पहुंच गई। दो दिन तक बोगी को किनारे पर ले जाने में कोई मदद नहीं मिली। वीरवार को तीसरे दिन रेलवे की टीम को बोगी को किनारे पर ले जाने में मदद मिली, जिसके बाद रेलवे ने राहत की सांस ली है।
वहीं प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस की तरफ से रेलवे पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि जल्द से जल्द ट्राले को आगे की तरफ रवाना किया जाए, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
रेलवे के लिए बोगी को उठाकर ट्राले पर फिट करने में दिक्कत हो रही है और दोनों क्रेन इसके लिए कम पड़ चुकी है। रेलवे अधिकारी ने नाम न छापने पर बताया कि इसके लिए 100 टन की क्रेन को मंगाया गया है, लेकिन रामबन में राजमार्ग बंद होने के कारण क्रेन घटना स्थल पर पहुंच नहीं पा रही है। इसके अलावा मौके पर अब बर्फबारी शुरू हो चुकी है और इससे भी काम करने में परेशानी हो रही है।