छात्रों का कहना है कि डेरा बाबा, पब्बर, पई नाला व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से वह रियासी में पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। हर दिन उन्हें समय पर वाहनों नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रियासी से उनके गांव को जाने के लिए उचित यातायात व्यवस्था नहीं होने के चलते मंगलवार को विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यार्थियों ने प्रशासन और आरटीओ विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
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छात्रों का कहना है कि डेरा बाबा, पब्बर, पई नाला व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से वह रियासी में पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। हर दिन उन्हें समय पर वाहनों नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी सीट नहीं मिलती तो कभी समय पर वाहन ही नहीं पहुंचता। अपनी इस समस्या के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों के उन्होंने बताया, लेकिन फिर भी समस्या का हल नहीं किया गया। ऐसे में उन्हें मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि स्कूल और कॉलेज के लिए अतिरिक्त वाहन चलाने के लिए कुछ दिन पहले प्रशासनिक अधिकारी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्हें जल्द ही वाहन की सुविधा देने का आश्वासन मिला था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
विद्यार्थियों के प्रदर्शन में स्थानीय लोग भी शामिल हुए उन्होंने भी विद्यार्थियों को पूरा समर्थन देते हुए अतिरिक्त वाहन चलाने की मांग को जायज ठहराया। प्रदर्शनकारियों ने सिंबल चोया से डेरा बाबा जाने वाले मुख्य मार्ग को बंद कर दिया। प्रदर्शन का पता चलने पर तहसीलदार सुरेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी लंबी बातचीत के बाद मिले आश्वासन से विद्यार्थी शांत हुए। छात्रों ने कहा कि उनकी समस्या हल नहीं की तो अगली बार वे शहर की मुख्य सड़कों को जाम कर देंगे।