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जम्मू कश्मीर: अवैध कब्जे के मामले में CBI का एक्शन, पटनीटॉप में 6 आरोप पत्र दाखिल

Tue, 10 Oct 2023 05:19 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

आरोप पत्रों में दो पूर्व सीईओ, दो खिलाफवर्जी इंस्पेक्टरों और 8 होटल मालिकों को आरोपी बनाया है। इन अफसरों व होटल मालिकों की मिलीभगत से इस मामले को अंजाम दिया गया है।
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सीबीआई - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मशहूर पर्यटन स्थल पटनीटॉप में होटलों और गेस्ट हाउस मालिकों की ओर से वन एवं कृषि भूमि को कथित तौर पर हड़पने के मामले में छह आरोप पत्र दायर किए हैं। इन आरोप पत्रों में दो पूर्व सीईओ, दो खिलाफवर्जी इंस्पेक्टरों और 8 होटल मालिकों को आरोपी बनाया है। इन अफसरों व होटल मालिकों की मिलीभगत से इस मामले को अंजाम दिया गया है।

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जम्मू की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोप पक्ष में सीबीआई ने पटनीटॉप विकास प्राधिकरण के दो पूर्व सीईओ राजिंदर कृष्ण वर्मा और कमल किशोर गुप्ता, दो खिलाफवर्जी इंस्पेक्टर अवेश जसरोटिया और जहीर अब्बास के अलावा आठ होटल मालिकों को नामित किया है।

होटल माउंट व्यू के मालिक सैयद मुश्ताक शाह, होटल ड्रीम लैंड के नजीर शाह और समीना शाह, होटल ब्रॉडवे की जुबैदा बेगम, होटल शाही के संतूर शकील शाह, होटल हॉली डे इन के कौशल मगोत्रा और वीरेंद्र केसर और होटल हॉलीवुड के अमी शाह को भी आरोपी बनाया है।
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सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, जांच से पता चला कि आरोपी लोक सेवकों ने अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर अवैध निर्माण आदि हटाने के लिए कदम नहीं उठाए। उच्च न्यायालय के निर्देश पर 2020 में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली थी। यह मामला हाईकोर्ट में होटल और रेस्तरां एसोसिएशन पटनीटॉप के अध्यक्ष द्वारा एक जनहित याचिका दायर द्वारा उठाया गया था।

इसमें पटनीटॉप क्षेत्र के मास्टर प्लान के घोर उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 70 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट का निर्माण बिना अनुमति के किया गया है।यह भी आरोप लगाया गया कि कई होटल/गेस्ट हाउस बिना अनुमति के बनाए गए थे और पीडीए के साथ पंजीकृत नहीं थे। यह भी आरोप लगाया गया था कि अधिकारियों ने ऐसे अतिक्रमणों के बारे में पता होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ मामलों में होटलों की ओर से कथित तौर पर कोई समझौता शुल्क जमा नहीं किया गया था।

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