सरकारी अधिकारियों और उनके वाहन चालकों के खिलाफ यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर आने वाले दिनों में विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस मुहिम में मंत्री, विधायक और वीआईपी भी नपे जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
साथ ही जगह-जगह दिखने वाले यातायात पुलिस कर्मी चालकों को तंग करते हुए नजर नहीं आएंगे। अब जहां भी जांच होगी, वहां ग्रुप में होगी। लखनपुर से श्रीनगर तक के हाइवे पर चुनिंदा जगहों पर ही जांच होगी। वीरवार को आईजी ट्रैफिक जेपी सिंह ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी।
बताते चलें कि ‘अमर उजाला’ ने यातायात पुलिस की वाहनों की जांच करते वक्त लापरवाही बरतने का मामला सामने लाया था। पुलिस और सरकारी वाहनों द्वारा नियमों की उल्लंघन करने का समाचार भी प्रकाशित किया। इसके बाद यातायात पुलिस ने अपनी पूरी कार्यप्रणाली ही बदल दी है।
ग्रुप में होंगे ट्रैफिक पुलिस कर्मी
गुपचुप तरीके से वाहनों के चालान काटने वाले पुलिस कर्मी अब नहीं दिखेंगे। शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलेगा। जहां भी उल्लंघन होगा, वहां पर यातायात पुलिस के दस लोगों का दल होगा।
इनमें एक गजटेड अधिकारी होगा। लखनपुर से लेकर श्रीनगर तक यह कार्यप्रणाली लागू होगी। सांबा, कठुआ, उधमपुर, रामबन और काजीगुंड में भी ट्रैफिक पुलिस वाहनों की जांच करेगी।
किसी के पीछे नहीं भागेंगे
यदि कहीं भी ट्रैफिक पुलिस का नाका लगा होगा और वहां से बचने के लिए कोई चालक भागेगा तो उसके पीछे भागा नहीं जाएगा। उसके वाहन का नंबर नोट कर लिया जाएगा और चालान काट कर घर भेज दिया जाएगा। उसे कोर्ट में चालान भुगतना होगा।
मारपीट का अधिकार नहीं
नाके से भागने वालों और जांच के दौरान कोई अधिकारी चालकों से मारपीट नहीं करेगा। नियमों के दायरे में रहकर काम करना होगा।
हर दिन औसत चार मौतें
आईजीपी के अनुसार पिछले दो साल से हर दिन औसत चार मौतें सड़क हादसों की वजह से हो रही हैं। इनको रोकने के लिए विभाग ने यह सब निर्णय लिए हैं। शहर में ट्रैफिक सिगनल पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बंद पड़े ट्रैफिक सिगनल शुरू होंगे और आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। काफी जगहों पर वाहनों के रुकने के लिए बाक्स बनाए गए हैं। यहीं पर वाहनों को रुकना होगा।
जहां अवैध पार्क किए गए वाहन नजर आएगा, उसे जब्त किया जाएगा। केंद्र के नये मोटर व्हीकल एक्ट को भी पूर्ण रूप से लागू करने पर अमल होगा।