जम्मू। मोटर व्हीकल एक्ट-2019 के तहत ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई असर दिखा रही है। खासकर दो पहिया वाहन चालक हेलमेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन यात्री और व्यवसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग अब भी काबू में नहीं आ पा रही। आलम यह है कि रूल तोड़ने में यह सबसे आगे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में ओवरलोडिंग हो रही है। जिस पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ के ग्रामीण इलाकों में 18 दिन में 2116 कोर्ट चालान काटे गए हैं। इनमें से 763 सिर्फ ओवरलोडिंग वाहनों के ही हैं। ओवरलोडिंग वाहनों में मिनी बस, बस, टैंपो, ट्रक, टैंपो, डंपर आदि शामिल हैं। पांच चालकों के खिलाफ तो ट्रैफिक पुलिस ने संबंधित पुलिस स्टेशनों में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
------
शहर में भी दिख रहा असर
नए नियमों का असर अब शहर में भी देखने को मिल रहा है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल लोग करने लगे हैं, लेकिन अब भी रैश ड्राइविंग और नाबालिगों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा। नाबालिग अब भी स्कूटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस पर कार्रवाई करने के लिए ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाएगा।
-----
80 फीसदी लोग कर रहे पालन
नए नियम के तहत सख्त कार्रवाई का असर दिख रहा है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल हो रहा है। 80 फीसदी लोग इसका पालन कर रहे हैं, लेकिन प्रेशर हार्न, ओवरलोडिंग और यात्री वाहनों में म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जो रूल अधिक तोड़ रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। खासकर पहाड़ी इलाकों में पुलिस स्पेशल ड्राइव चलाएगी।
-मोहन लाल कैथ, एसएसपी ट्रैफिक, रूरल