पड़ोसी मुल्क की नापाक हरकत की वजह से सीमा पर खेतीबाड़ी ही प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि त्योहारों का रंग भी फीका पड़ा है।
उस पार से घुसपैठ और दहशत का माहौल बनाए रखने के मंसूबे से भारतीय क्षेत्र में लगातार की जाने वाली गोलाबारी ने खुशियां बांटने की परंपरा में भी कड़वाहट भरी है।
चांद के दीदार के साथ मंगलवार को भारत-पाक में ईद तो मनाई गई, लेकिन सरहद पर एक-दूसरे को मुंह मीठा कराकर मुबारकबाद देने का वह पल नहीं आया।
पाक महीने में शांति और अमन की दुआ मांगने वाले भी दोनों मुल्कों के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान करने की बेला का इंतजार करते रहे, ताकि त्योहार के बहाने कुछ तल्खी कम हो, लेकिन गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाने का वह पहर नहीं आया।
किसी ने की ईद पर पहल
आज का दिन एक-दूसरे से खुशियां बांटने का था। लेकिन सीमा पर वह खुशियां गायब दिखीं। पाकिस्तानी सेना द्वारा सीजफायर का बार-बार उल्लंघन कर गोलाबारी किए जाने के चलते गर्मजोशी से गले लगाने की परंपरा को तोड़ने पर मजबूर किया।
बदले हालात के चलते सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच आरएस पुरा सेक्टर में मिठाइयों का आदान-प्रदान भी नहीं हो सका।
गौरतलब है कि आरएस पुरा सेक्टर में ईद के मौके पर सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान होता रहा है, लेकिन इस बार इस तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ।
फ्लैग मीटिंग भी नहीं हुई
पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने पर दोनों देशों के बीच बने तनाव के चलते सीमा पर इस बार ईद के अवसर पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीमा पर फिलहाल इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए मना किया गया है।
पहले त्योहारों पर पाकिस्तान की ओर से मिठाइयों का आदान-प्रदान करने के लिए सीमा सुरक्षा बल को न्योता दिया जाता था, लेकिन इस बार न तो पाकिस्तान की ओर से पहल की गई न ही सीमा सुरक्षा बल द्वारा कोई नरम रुख दिखाया गया।
लिहाजा सरहद पर त्योहार की रौनक की आस अधूरी रही। सीमा पर तनाव होने की स्थिति में सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच फ्लैग मीटिंग का आयोजन भी नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने सेना के फैसलों को सराहा
सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि पड़ोसी को अपने आसपास बेहतर माहौल बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान की ओर से कभी भी ऐसा नहीं किया गया।
इसके बजाय उस तरफ से कभी घुसपैठ का प्रयास किया जाता है, तो कभी दहशत का माहौल बनाए रखने के लिए सीमांत ग्रामीणों को निशाना बनाया जाता है।
गुलाबगढ़ बस्ती के चौधरी श्रवण सिंह, सरपंच चौधरी अर्जुन सिंह, सरपंच स्वर्ण लाल भगत के अनुसार पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ ईद पर मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं करने का फैसला बेहतर है।
आए दिन पाकिस्तान की ओर सीमा सुरक्षा बल के जवानों और अधिकारियों सहित ग्रामीणों को निशाना बनाया जाता है। ऐसे में मिठाइयों का आदान-प्रदान करने के बजाए पड़ोसी देश को उसकी गलती का एहसास करवाना उचित है।