सांबा। देश के अग्रणी पर्वतारोही, सेना के कर्नल और सांबा जिले के निवासी रणवीर सिंह जम्वाल ने ''हर शिखर तिरंगा'' पहल के तहत भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर) पर 18 मई को तिरंगा फहराकर एक और गौरवशाली अध्याय अपने नाम किया है।
''हर शिखर तिरंगा'' मिशन के तहत भारत के 28 राज्यों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया था। इस ऐतिहासिक मिशन का समापन कंचनजंघा जैसी कठिन और प्रतिष्ठित चोटी पर विजय के साथ हुआ। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि कर्नल जम्वाल के नेतृत्व में राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (एनआईएमएएस) की टीम इस सीजन की इकलौती भारतीय टीम रही। उसने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। टीम के सभी पांच सदस्य शिखर तक पहुंचे और कंचनजंघा जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी पर यह एक असाधारण उपलब्धि है।
पहले भी बना चुके हैं कई रिकॉर्ड
कर्नल जम्वाल पहले भी ही कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह भारत के पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों के साथ-साथ भारत के सभी 28 राज्यों की सबसे ऊंची चोटी पर भी चढ़ाई की है। उन्हें पद्मश्री, तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, मैकरेगर मेडल, और आईएमएफ गोल्ड मेडल जैसे सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हैं।
वह न केवल पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक आदर्श हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और कठिन राहत अभियानों में अपनी सेवा देकर हजारों लोगों को साहसिक जीवन की ओर प्रेरित किया है। युवाओं के लिए कर्नल जमवाल का संदेश स्पष्ट है कि बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और कभी हार न मानें। पहाड़ कठिन हो सकते हैं लेकिन एक सच्चे साहसी की भावना उससे भी कठिन होती है।
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जम्मू-कश्मीर ने मुझे हौसला दिया। प्रकृति ने प्रेम सिखाया और कठिनाइयों से लड़ने का जज्बा दिया। हर शिखर पर मैं अपने राज्य की मिट्टी और भावनाएं साथ लेकर चढ़ता हूं। कंचनजंगा की यह सफलता पूरे देश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की भी जीत है।
-कर्नल जम्वाल