पैंथर्स पार्टी ने आतंकवादग्रस्त व आर्थिक रूप से पिछड़े राज्य जम्मू-कश्मीर से टोल टैक्स हटाने की मांग की। पार्टी अध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया ने पत्रकारों से कहा कि टोल टैक्स बीस फरवरी से लगना था, लेकिन पैंथर्स के लगातार विरोध के कारण टैक्स लगना कुछ दिन और टल गया। डीएमयू शुरू करने के बाद टोल टैक्स को लेकर यह उनकी उपलब्धि है।
जम्मू-कश्मीर में पहले से ही आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। टोल टैक्स लगने के कारण राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो जाएगी। जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था मूलरूप से पर्यटकों पर ही निर्भर करती है। घाटी के अलावा कटड़ा वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं को छोटी गाड़ी के लिए भी 85 रुपये देने होंगे।
लोगों को पहले लखनपुर फिर सांबा, बन और नाशरी के पास टोल देना होगा। इससे दो से तीन सौ रुपये टैक्स में ही चले जाएंगे। रोज आने वाले लोगों के लिए इतना पेट्रोल नहीं लगेगा, जितना टैक्स लगेगा। महीने का पास बनाने के लिए 27 सौ रुपये खर्च करने होंगे, जबकि कई लोगों ने तीन हजार रुपये अपना बजट ही रखा होता है।
टूरिज्म इंडस्ट्री को भारी धक्का लगेगा। उन्होंने कहा कि देश में 50 टोल टैक्स प्लाजा को बंद कर दिया गया। दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी टोल टैक्स हटा। जम्मू-कश्मीर में इसे गरीब जनता के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने मांग की है कि जिस तरह से घाटी के लिए एक अतिरिक्त डीएमयू रखी गई है, उसी तरह कटड़ा से जम्मू के बीच भी एक अतिरिक्त डीएमयू रखी जाए, ताकि बहाल डीएमयू के खराब होने की स्थिति में रिजर्व डीएमयू से काम चलाया जा सके। इससे लोगों को भी परेशानियां नहीं आएंगी।